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#editorial

क्या अग्निपथ पर चलने के लिए कोई जबरदस्ती कर रहा है?

सैन्य प्रक्रिया के बहाने सरकार के पास जितनी रिक्तियां है, उससे चार गुनी ज्यादा युवाओं को डिफेंस सेक्टर से जोर कर उन्हें वास्तव में कौशल युक्त, आर्थिक रूप से सशक्त, असली प्रमाण पत्र के साथ,…

जानिए कैसे आरक्षण की बैसाखी पर खड़े लोगों ने मलाई चाटने के लिए एकलव्य का फर्जी अंगूठा…

एकलव्य कोई दबा-कुचला निर्धन नहीं था । श्रृंगबेर राज्य का शासक था । लेकिन अंगूठे का छल का व्याकरण रच कर आरक्षण की मलाई चाटनी ज़रुर एक छल है । इस छल और कुप्रचार को समाप्त किया जाना चाहिए ।

क्रोनोलॉजी समझिए कैसे नूपुर के बहाने देश विरोधी ताकतें मोदी विरोध का नया नैरेटिव सेट…

विधर्मियों और माओ की औलादे कर क्या रही हैं...उनकी टांगे भले ही टूट चुकी हैं लेकिन अभी हाथ चल रहे हैं,उसी से वो विरोध का एजेंडा फैलाने मे सक्रीय हैं।

अफ़सोस कि यह लोग नरेंद्र मोदी की कूटनीति को अभी तक नहीं समझ पाए

सेक्यूलर चैंपियंस बता रहे हैं कि तुम्हारे भगवान की मूर्तियों पर रोज पेशाब करता हूं। थूकता हूं। कुल्ला करता हूं। क्या बिगाड़ लिया तुम ने या तुम्हारे भगवान ने हमारा? ताज़ा संदर्भ लिया गया है कि…

सावरकर को किस बात का बड़ा खेद था ?

सद्व्यवहार से मुस्लिम आक्रांताओं के आचरण में रत्ती भर फ़र्क़ नहीं पड़ने वाला । यदि उनका मौक़ा लगेगा तो वे वहीं करेंगे जो वे सदा से करते आये हैं । वे दुराचार भी करेंगे और इसके लिए शुक्राने की…

कश्मीरी हिंदुओं का पलायन, इस्लामीकरण तथा केजरीवाल की नई तरह की राजनीति का विश्लेषण

केजरीवाल ने इस्लामिक जिहाद के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोला, लेकिन केंद्र सरकार से अवश्य सवाल किया कि कश्मीरी हिंदुओं को बसाने के बजाय उन्हें गुजारा क्यों जा रहा?

मोहन भागवत ने क्यों कहा कि हर मस्जिद में शिवलिंग क्यों खोजना ?

भागवत जी ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन में संघ ने हिस्सा लिया, लेकिन अब वे ऐसा कोई भी आंदोलन नहीं करेंगे। उन्होंने तब क्यों हिस्सा लिया और अपना बलिदान दिया?

क्या अब आरक्षण बन गया है प्रतिभा पलायन का बड़ा कारण ?

देश और देश की सेवाएं प्रतिभावान बच्चों से वंचित हो रही हैं तो आरक्षण की बला से । देश प्रतिभाहीन लोगों के कचरे से पटा जा रहा है । ऐसे जैसे प्लास्टिक का कचरा हो । प्रतिभा पलायन अब एक नासूर बन…

यह तुम्हारे विशाल उरोज

तुम्हारे यह विशाल उरोज काश कि समुद्र होते और मैं मछली बन कर तैरता जल के भीतर-भीतर तुम्हें जीता और जगाता रहता तुम्हें हिलोरें मार-मार कर धड़काता रहता तुम्हारा दिल तुम्हारी दुनिया जवान…