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Editorial
राहुल गांधी और टोडरमल
मोदी की क़िस्मत देखिए कि एक राहुल गांधी है जो अपनी अराजकता , अभद्रता और मूर्खता में नरेंद्र मोदी को मज़बूत करने में कोई कसर नहीं छोड़ता । अपनी श्रेष्ठता ग्रंथि का मारा राहुल गांधी , मोदी को…
सारे वामी बमबमा के भड़के हैं पीयूष मिश्रा पर।
इनकी बिलबिलाहट अच्छी लग रही है। पियूष मिश्रा ने सही पलीते में आग लगाई है।
कुतर्क की कुत्तागिरी की कोई हद नहीं
स्मित मच्छार ने अपनी जान पर खेल कर कैसे इतने सारे लोगों को बचा लिया , सारे भौंकते हुए सवाल इसी पर है । या फिर ख़ामोशी !
राहुल गांधी नाम की सुलगती रस्सी
चौकीदार चोर है , सावरकर जैसे मुद्दों पर शपथपूर्वक अदालत में माफ़ी मांग चुके हैं । चिल्लाते रहे , माफीवीर सावरकर नहीं हूं, राहुल गांधी हूं । पर शपथ पूर्वक अदालत में माफ़ी मांग बैठे । फिर…
ऐसी निमिषाओं के दुःखद अंत की चर्चा ही अन्य बच्चियों को निमिषा होने से बचाएगी
यह निमिषा है, निमिषा ठाकुरिया। गुवाहाटी यूनिवर्सिटी की छात्रा, उम्र बाइस वर्ष। साथ में दिख रहा लड़का उसका लव है, आशिक अली। लड़का रैपिडो में ड्राइवर है।
भारत को इस हीनताबोध से बाहर निकलना होगा।
भारत में बौद्धिकता का ठप्पा लगते ही व्यक्ति अपनी सभ्यता, अपनी परंपराओं अपने पूर्वजों को कोसने लगता है। उसे सारी कमियां अपने ही देश में दिखती हैं। यह हीनताबोध इतना प्रबल है कि इस देश में…
कुछ स्त्रियां अपने संध्याकाल में देह के बिना भी प्रेम की परिकल्पना करती हैं
Positive India: Dayanand Pandey:
कुछ स्त्रियां अपने संध्याकाल में देह के बिना भी प्रेम की परिकल्पना करती हैं । बल्कि अपने इस अमूर्त प्रेम की पैरवी भी करती मिलती हैं । तो क्या यह स्त्रियां…
भारतीय मुसलमानों के बीच भी छुआछूत का अभिशाप मौजूद है
डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने कहा था "छुआछूत गुलामी से भी बदतर है".
हनुमान अंश की सफलता कमाई नहीं है
Positive India: Sarvesh Kumar Tiwari:
संतों पर फिल्म बनाना तनिक कठिन काम तो है ही। क्या दिखायेंगे आप? उनके आसपास होने से जिस आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है, उसे कोई निर्देशक कैसे दिखाएगा…
आमिर खान की बटवारा का विश्लेषण
असगर वाहियात अपनी झूठी किताब में एक एजेंडा परोसते हैं और आमिर उस एजेंडे को अपनी फिल्म में ढोते हैं, पर इससे सत्य नहीं बदलेगा। समय के न्यायालय में पाकिस्तान और वहां के लोग हमेशा अपराधी की तरह…