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Editorial
इंडियन सेक्युलर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर बुक्का फाड़ के…
ये वही खामनेई है जो हिजबुल्लाह हमसे हूती और बोको हराम सरीखे इस्लामिक आतंकवादी संगठनों का फ्रेंड और फाइनेंसर था। इन आतंकी संगठनों को भरपूर रकम उपलब्ध कराता था। अपने यहां शरण और संरक्षण देता…
सावरकर को कभी ऐसे भी जानिए न
कभी इंदिरा गांधी के मार्फ़त भी सावरकर को जानिए। कभी पता कीजिए कि इंदिरा गांधी ने संसद में सावरकर का चित्र क्यों लगाया ? इंदिरा गांधी ने सावरकर के नाम पर डाक टिकट क्यों जारी किया?
ये है टीपू का शर्मनाक सच
ज़रा सोचिए कि, जो व्यक्ति युद्ध में शर्मनाक पराजय के बाद अपनी चार औलादों को अपने दुश्मन के पास गिरवी रख चुका था। उसे आज़ाद भारत में देश के गद्दार इतिहासकारों ने शेर और बाघ बता कर महिमा मंडित…
जब राजीव गांधी ने अमेठी में बंपर बूथ कैप्चरिंग करवाई और पत्रकारों को पिटवाया
दिसंबर , 1984 के लोकसभा चुनाव में अमेठी की बूथ कैप्चरिंग तब और महत्वपूर्ण हो जाती है कि जब पूरे देश में इंदिरा गांधी की हत्या के नाते , इंदिरा लहर थी । प्रचंड लहर थी । तब किस बात का डर था…
यही समय है, सही समय है… एनकाउंटर का…!!!
इसी कन्हैया कुमार की ही NSUI के गुंडों लफंगों आतंकियों ने कल दिल्ली स्थित भारत मंडपम में अपनी आपराधिक आतंकी करतूतों से वहां उपस्थित लगभग 35 हजार लोगों, जिसमें कई हजार विदेशी थे, को अपने आतंक…
यूजीसी के कारण मोदी जी वीपी सिंह की गति को और भाजपा जनता दल की गति को प्राप्त हो…
मोदी जी ने ओबीसी वोटों के लालच में ओबीसी और दलितों को यूजीसी में एक प्लेटफार्म पर लाकर खड़ा कर दिया । भेड़ और भेड़िया दोनों शोषित वर्ग हो गये । दबंगई में सबसे कमजोर कायस्थ और ब्राह्मण शोषक…
साइकिलवाले गैंग में आज नसीमुद्दीन की एंट्री बड़ा गुल खिलाएगी
खेल में अभी कई इंट्रेस्टिंग मोड़ आने शेष हैं....
असल समाजवाद अब नसीमुद्दीन लईहै...
जब नट ने कहा चाहिए तुम्हारी कन्या का हाथ।
Positive India:Sarvesh Kumar Tiwari:
सूर्योदय अभी हुआ ही था। हिमांचल महाराज अभी गङ्गा स्नान से लौटे भी नहीं थे। देवी मैनावती पूजन के लिए वाटिका में पुष्प ले रही थीं कि अचानक कानों से एक…
जातिवाद के नाम पर एकतरफा नंगे नाच की सच्चाई
Positive India:Satish Chandra Mishra:
जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है...
जातिवाद के नाम पर जो एकतरफा नंगनाच हो रहा है, सवर्णों/ब्राह्मणों के स्वघोषित तथाकथित ठेकेदारों की…
रुचि तिवारी मामले की जड़ में जातिवादी तुष्टिकरण और ब्राह्मण घृणा के नारों का…
यह विषाक्त वातावरण नरेन्द्र मोदी और भाजपा की ही देन है। नाम उसी का लिया जाएगा जो ई-रिक्शा से वंदे भारत तक हर उपलब्धि का क्रेडिट लेता है। यह क्रेडिट भी मोदी जी का ही है।