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Editorial
यसरब शहर का नाम बदल कर मदीना क्यों रखा गया ?
मुर्शीद कुली ख़ान जो बंगाल के नवाब थे कोई पठान या ख़ान नहीं थे बल्कि पंडित सूर्य नारायण मिश्रा हुआ करते थे इस्लाम क़ुबूल करने से पहले ।
अराजक अरविंद केजरीवाल उचक-उचक कर कभी हाईकोर्ट और कभी सुप्रीमकोर्ट की शरण में क्यों जा…
अराजक अरविंद केजरीवाल भी राजनीतिक अफजल ही हैं।
प्योर वेजिटेरियन भोजन वह होता है जिसके निर्माण में किसी जीवित प्राणी की हत्या का…
शाकाहार और मांसाहार का प्रश्न हिन्दू और मुसलमान, ब्राह्मण और दलित, भाजपा और कांग्रेस का प्रश्न नहीं है, यह जानवरों की जीवित रहने की आज़ादी का सवाल है। इस मामले का राजनीतिकरण करना शर्मनाक है।
ट्रायल कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को 7 दिन की रिमांड पर ईडी को सौंपा
अरविंद केजरीवाल भारत के पहले सिटिंग मुख्यमंत्री हैं जिन्हें किसी एजेंसी ने न सिर्फ हिरासत में लिया बल्कि 7 दिन की रिमांड पर ले लिया है।
ED ने दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल को किया गिरफ्तार
आज पेशी के बाद शाम को ईडी के लगभग एक दर्जन अफसरों ने सर्च वारंट के साथ केजरीवाल के निवास में प्रवेश किया। सर्च तथा पूछताछ के बाद ईडी ने केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया।
इलेक्टोरल बांड: चुनावी भ्रष्टाचार इस देश में कोई मुद्दा ही नहीं रहा
वोटर को आपके भ्रष्ट होने से कोई सरोकार नहीं है उसे अपना हिस्सा चाहिए । मुफ़्त की रेवड़ी मिलती रहे तो आपके भ्रष्ट होने से उसे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता ।
“आप 2029 पर ही अटक गए, मैं 2047 के लिए लगा हुआ हूं।”-मोदी
5 वर्षीय चुनाव पद्धति वाले संसदीय लोकतंत्र में मोदी जी अगले 25 साल के लिए अपना विजन देश के सामने रख रहे हैं। किसी भी देश की प्रगति में विजन का तय हो जाना उसकी पहली सफलता है।
1 साल में 80 अरब का कत्ल !
Positive India:Sushobhit:
क्या चेतना का कोई इतिहास होता है, विशेषकर उसके शोक का, पीड़ा का? पीड़ा की अनुभूति जिस चेतना में दर्ज़ होती है, क्या वह केवल वैयक्तिक होती है? देह के नाश के बाद…
पुस्कार मतलब सुख और दुश्मन दोनों एक साथ
यह वही टैगोर हैं जिन की तमाम मूर्तियां लगभग यही लोग पश्चिम बंगाल में तोड़ डालते हैं। सत्तर के दशक की बात है यह। यह वही समय है जब बेटों के खून में भात सान कर मां को खिलाया गया। साहित्य अकादमी…
कैसे कुछ लोग अपने को अपने बाप का बताने को ले कर होड़ में लग गए हैं
अपनी फ़ासिस्ट विचारधारा को मनवाने के लिए लोगों को डिक्टेट करने लगते हैं। आप उन का डिक्टेशन नहीं मानते तो आप हरामी हैं। अपने बाप के नहीं हैं। ऐसा नैरेटिव बनाते हैं। पर अब यह नैरेटिव अपना रंग…