www.positiveindia.net.in
Browsing Category

Editorial

बस्तर : द नक्सल स्टोरी

बस्तर : द नक्सल स्टोरी सत्य घटनाओं पर आधारित फिल्म है। देश में अराजकता फैलाकर देश को कमजोर करने और फिर तोड़ने की विदेशी ताकतों की साजिशों की कहानी है।

CAA लागू होने से मुसलमानों को क्या नुक़सान है ?

तो मुसलमानों के लिए मुल्क छोड़ कर जाना सुन्नत है । उन्हें भारत में रहने के लिए नागरिकता की क्या ज़रूरत ! धरती अल्लाह की है और अल्लाह ईमान वालों का ।

न्यूटन और एडमण्ड हैली के रिश्ते की कहानी बड़ी दिलचस्प क्यों है?

कुछ तो कारण होगा कि एडमण्ड हैली का धूमकेतुओं से इतना गहरा नाता था। एक धूमकेतु आकाश में था, और दूसरा धरती पर, जिसका नाम था- आइज़ैक न्यूटन!

क्या ज्युडिशियल नेक्सस ने इलेक्टोरल बॉन्ड का मामला जानबूझकर ’24 लोकसभा चुनाव से…

लेकिन मोदी की राजनीति इतनी सस्ती होती तो आज वे एक चाय बेचने वाली शख्सियत से उठकर दिल्ली की गद्दी तक कदापि न पहुंच पाते। मोदी जी ने CAA का नोटिफिकेशन इंट्रोड्यूस कर दिया और एक झटके में सारे…

भारत के पहले परखनली शिशु विशेषज्ञ को आत्महत्या क्यों करनी पड़ी?

डॉक्टर सुभाष मुखोपाध्याय इस खोज के लिये चिकित्सा विज्ञान के नोबेल पुरस्कार के हकदार थे । दुनिया की हज़ारों लाखों बाँझ महिलाओं के लिये आशा की किरण ले कर आये थे वह । परंतु निकम्मी वामपंथी…

सेवक बनकर शासन में आने वाले मोदी को अब देश का घर घर उन्हें अपने परिवार की सदस्यता…

Positive India:Vishal Jha: लगता नहीं है कि 10 साल हुआ है मोदी सरकार को सत्ता में आए हुए। जैसे लगता है मोदी अभी-अभी सत्ता में आए हैं। अभी ही तो उन्होंने विकास का नारा दिया है और बहुत सारा…

प्रधानमंत्री मोदी ने सिर्फ अर्नब गोस्वामी और सुधीर चौधरी को ही अपना साक्षात्कार क्यों…

ऐसे अनेक दाऊदवुड के कलाकार जो कला के नाम पर माफिया और रंडीखाना चला रहे थे, आज पहचान के संकट में फंस चुके हैं।

भोले बाबा सृष्टि के सर्वश्रेष्ठ पति क्यों हैं?

बाबा सृष्टि के सर्वश्रेष्ठ पति हैं। वे स्त्री सम्मान के भी देवता हैं। यूँ ही नहीं परम्परा से भारत की हर बेटी माता गौरा से उनके पति जैसा पति मांगती रही हैं। संसार के हर पति को शिव के समान हो…

अज्ञेय : फिर कहां से तुम ने विष पाया और कहां से सीखा डसना?

कहे अनकहे ढेर सारे महिला प्रसंगों के बावजूद सचमुच न जाने क्यों जीवन में अज्ञेय सचमुच अज्ञेय ही थे। सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’।