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Editorial

गांधीजी की एक सौ पचासवी जयंती पर विशेष

दुर्भाग्य तो यह है जिस नशा को पूर्ण रूप से बंद करने का संकल्प लेना था, वो शराब तो चुनाव जीतने का एक बड़ा साधन हो गया है । अब तो हालात यह है कि इसके बगैर कोई चुनाव रणक्षेत्र मे नही उतरता । यह…

राम मंदिर पर फैसला आने वाला है

अब यह निश्चित हो गया है कि नवंबर के मध्य मे इस विषय पर फैसला आ जाएगा । पर दुर्भाग्य से उन खेमो मे काफी बेचैनी और घबराहट है, जिनकी पूरी राजनीति ही इस पर निर्भर थी । पर आज यह परिवर्तन दिख रहा…

बैंकों की मार से आम जनता परेशान

उल्लेखनीय है, एक समाज मे अगर कोई बंदा दिवालिया है तो वो सामाजिक रूप से उतना ही बड़ा आदमी है । ऐसे लोग जीते है शान से । आज बैंको मे मर्जर हो रहा है, जिससे जो धोखाघड़ी हो रही है वो न हो सके,…

तथाकथित धर्मनिरपेक्षता भारत की एकता के लिए खतरा

इस देश मे मुगलो ने छै सौ साल राज किया,तब किसी हिन्दू ने नही कहा कि यहाँ रहने मे डर लगता है । अगर इनका राज रहा तो पूरी धर्मनिरपेक्षता रहती है, लोग बगैर डर के रहते है; भले ही उस समय पंडितो का…

हम काले है तो क्या हुआ दिलवाले है

पॉजिटिव इंडिया: रायपुर;26अगस्त, "काले गोरे का भेद नहीं हर दिल से हमारा नाता है .. कुछ और न आता हमको हमें प्यार निभाना आता है" " यशोमती माइयाँ से बोले नंदलाला राधा क्यूँ गोरी मैं…

सायरा बानू के जन्मदिन पर कनक तिवारी का विशेष लेख

दिलीप कुमार धर्म, जाति, संस्कार, भूगोल या मौसम के तकाज़ों का फकत उत्पाद नहीं है। अपनी ‘आत्मकथा‘ की अंगरेज़ी में प्रस्तुतकर्ता उदयतारा नायर को उन्होंने अपने गीता-ज्ञान से भी विस्मित किया है।…