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Editorial

दिवाली के त्यौहार पर हावी होता बाजारवाद

आज का परिवार बाजार मार्केटिंग का भी शिकार हो रहा है । उत्सव मे छूट के लोक लुभावने विज्ञापन यह सोचने को एक बार मजबूर कर देता है कि ऐसा मौका पुनः मिलेगा कि नही ? इसलिए इन दिनो भीड़ भाड़ मे वो…

भारतीय न्यायालय तथा आम आदमी

अदालत परिसर मे प्रतिदिन मे कितने लोग दोषमुक्त होते होंगे, पता नही। कितनो को सजा मुकर्रर होती होगी,वह भी नहीं पता। कई अपराधीयो को हथकड़ी लगे होने के बाद भी जब निश्चिंत, बिंदास और मुस्कुराते…

स्थानीय निकाय चुनाव में ईमानदार तथा योग्य उम्मीदवारों की दरकार

राजनीतिक पार्टियों की भी नैतिक जिम्मेदारी है कि इस चुनाव को पद संतुष्टि का माध्यम न बनाये । ऐसे लोगो को मौका दे जो जमीनी स्तर पर काम कर सके । अन्यथा जो नीतीश कुमार की हालत हो रही है वही…