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Editorial

क्या रामपुर मुस्लिम मतदाताओं की प्राथमिकता व मानसिकता की सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा लेने…

केवल रामपुर नहीं बल्कि पूरे उत्तरप्रदेश के मुसलमानों का ठेकेदार खुद को समझने वाले आज़म खान ने स्वयं अपने राजनीतिक गढ़ रामपुर के मुसलमानों को कैसी जिंदगी जीने का उपहार दिया है.?

राहुल गांधी ने लोकसभा में क्यों कहा कि भारत राष्ट्र नहीं राज्यों का संघ है ?

राहुल ने चीन द्वारा पी ओ के में 1960 में बनाई सड़क को अभी की बनी बता दिया। तमाम मूर्खता भरी बातें कुतर्क की चाशनी में डुबो कर , संविधान का हवाला दे कर बता दिया कि भारत राष्ट्र नहीं , राज्यों…

हाय ! हम क्यों न हुए खुशवंत !

खुशवंत सिंह ने जो जीवन जिया और जिस तरह जिया, जिस रोमांच, जिस सलीके और पारदर्शिता से जिया उस में दिया बहुत ज़्यादा और लिया बहुत कम। ऐसा जीवन और ऐसा लिखना काश कि सब के नसीब में होता !

का बा की गायिका नेहा सिंह ने काउंटर में गाने वालो को चारण और भाट क्यों करार दे दिया ?

विरोध और सवाल के नाम पर नेहा को शायद कोई ऐसी सरकार चाहिए जो नेहा जैसों के लिए यश भारती पुरस्कार घोषित करे और नेहा एक दरबारी गायिका बन सके। क्योंकि वर्तमान सत्ता में दरबारियों के लिए कोई…

मजबूरी का नाम महात्मा गांधी क्यों है ?

धीरे-धीरे गांधी इतने लाचार हो गए कि एक मुहावरा ही बन गया कि मजबूरी का नाम महात्मा गांधी। वह तो गोडसे ने गांधी की हत्या कर दी। पर अगर गांधी आगे जीवित रहे होते कुछ दिन और तो तय मानिए कि वह…

आस्तीन के सांप खान सर के फन को क्यों कुचलना चाहिए?

इस जेहादी खान सर के हिसाब से किसी नौकरी की न्यूनतम योग्यता से अधिक योग्यता रखने वाले को उस नौकरी के लिए आवेदन ही नहीं करना चाहिए। इसके इस तर्क के अनुसार देश में होनेवाली IAS की परीक्षा की…

10 मार्च के बाद अपनी तुलना चवन्नी से भी करने लायक़ क्यों नहीं रह जाएंगे जयंत चौधरी ?

जयंत चौधरी आप कैराना का पलायन भी भूल गए। क्या सिर्फ़ चवन्नी से अपनी तुलना करने के लिए। अजब है यह भी। और आप भी। खैर , फिकर नॉट ! 10 मार्च को आप को अपने जाट समुदाय के फ़ैसले पर बहुत फ़ख्र होगा।

क्या खान सर को विद्यार्थियों को भड़काने तथा चलती ट्रेन में आग लगवाने का हक है?

खान सर ने हमास जैसे आतंकवादी संगठन को बड़े सॉफ्ट अंदाज से सपोर्ट किया था। तभी मैं उनका एजेंडा पहचान कर विरोध किया था। इजराइल के सामने तो अच्छे-अच्छे मोमिनों की तहजीब निखर आती है। फैजल खान…

मुजफ़्फ़र नगर और कैराना दोनों को बहुत अच्छी तरह क्यों याद है ?

समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल के बीच जूतमपैजार शुरु हो गई है। घमासान मच गया है। वीडियो वार हो रहा है। मुसलमान कह रहे हैं कि हम जाटों को सबक़ सिखाएंगे। जाट कह रहे हैं कि हम मुसलामानों को…

दही समझ के चूना क्यों चाट गई तिकड़ी?

आरपीएन सिंह के भाजपा में शामिल होने के बाद स्वामीप्रसाद को यह भी समझ में आ गया है कि उसके लिए पड़रौना से खुद अपना चुनाव जीतना भी लोहे के चने चबाने के समान ही सिद्ध होने जा रहा है। कुल मिला कर…