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Editorial
हमारे समाज के लेखक का कबीर आख़िर कहां गुम हो गया है ?
मीडिया को हमारा समाज अब दलाल नाम से जानता है । क्या आप लोग चाहते हैं कि आने वाले दिनों में मीडिया की तरह लेखक समाज को भी दलाल कह कर , जाना जाए ? माफ़ कीजिए हमारे आदरणीय लेखक मित्रों आज के दिन…
देश को अब चाहिए योगी जैसा एक सबल और प्रभावी गृह मंत्री
अमित शाह जैसा निर्बल और नाकारा गृह मंत्री देश नहीं चाहता। कभी एक मोहम्मद ताहिर , कभी एक अमानतुल्लाह अमित शाह को भरी दिल्ली में पानी पिला देता है।
‘आप’ की दस्तक के मायने
प्रदेश में आप का सांगठनिक ढांचा बहुत कमजोर है। बौद्धिक वर्ग में भी उसका असर नहीं है जबकि यह उन्हीं की पार्टी कहलाती है। अपने अस्त-व्यस्त पार्टी के सांगठनिक ढांचे को नये सिरे से खडा करने के…
नाम ज्ञानवापी और मस्जिद ! चौंके नही आप ?
ज्ञानवापी कोई मस्जिद नही बल्कि हिंदू मंदिर पर बना एक कलंक है,बाकी वहां अपने महादेव की ओर मुख करके महादेव की प्रतीक्षा करते बैठे नंदी महाराज सारी सच्चाई स्वयं बता दे रहे हैं।
अम्मा के नीलकंठ विषपायी होने की अनंत कथा
मुनव्वर राना का यह शेर मेरी ज़िंदगी में भी बेहिसाब घटा है। कि अब क्या कहूं।
इस तरह मेरे गुनाहों को वो धो देती है
माँ बहुत ग़ुस्से में होती है तो रो देती है ।
बल्कि वह तो गुस्सा ही नहीं…
औरंगज़ेब ने कभी ख़्वाब में भी नहीं सोचा होगा कि ये मस्जिदें वापस ली जाएंगी
मूल काशी विश्वनाथ मंदिर जब ध्वस्त किया गया तब नंदी जो मंदिर के बाहर मंदिर की ओर मुँह करके स्थापित था वह टूटने से बच गया । तब से यह नंदी अनवरत मस्जिद की ओर मुँह करके अपने स्वामी की प्रतीक्षा…
अंबेडकर को संविधान निर्माता कहना संविधान के साथ छल और कपट है
अंबेडकर संविधान निर्माता नहीं हैं। अंबेडकर को संविधान निर्माता कहना , संविधान के साथ छल और कपट है। पाखंड है। चार सौ बीसी है। इस मामले में भी मैं अंबेडकर का परम निंदक हूं। लेकिन दलित वोट की…
आजकल पूरे देश मे लाउडस्पीकर और बुलडोजर की चर्चा क्यो हो रही है ?
दिल्ली से लेकर पटियाला तक पत्थरबाजी से लेकर तलवारबाजी तक की घटी घटनायें कोई साधारण नही है....उसके पीछे छिपे उनके मंतव्य और उनकी मॉडस अपरेंडी को समझिये।
पश्चिम बंगाल को अब सिर्फ़ और सिर्फ़ सेना और सेना के बूट ही संभाल सकते हैं
मस्जिदों से पश्चिम बंगाल छोड़ने का ऐलान भले नहीं शुरू हुआ है पर जिस तरह हिंदुओं को चिन्हित कर हिंसा , लूट , आगजनी और बलात्कार की खबरें मिल रही हैं , वह बहुत डराने वाली हैं। यह घटनाएं कश्मीर…
जानिए कैसे युगों बाद माँ से मिलने गया जोगी कुछ घण्टों बाद फिर लौट आया अपने कर्तव्य…
मुगल काल में जब धर्मपरिवर्तन का जोर हुआ तो देश के बहुत बड़े हिस्से में इन्हीं नाथपंथी जोगियों ने थामा था हिंदुत्व को। वे लड़े आतंकियों से, अपराधियों से, देश और धर्म के शत्रुओं से... ये जोगीजी…