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संजय सिंह: सियासत में तमाशा
सियासत में एक तरफ चाय बेचकर पुरुषार्थ स्थापित करने वाला सत्ता के शीर्ष तक पहुंच सकता है। तो दूसरी तरफ टिकट को काला बाजार में बेचकर धनउगाही करने वाला उसी धन से राज्यसभा की टिकट तो अफोर्ड कर…
बस्तर : जो जीतेगा वो सिकंदर
लोकसभा चुनाव में आदिवासी वोटों का क्या रूख रहेगा, कहना मुश्किल है। फिर भी कतिपय ऐसे कारण हो सकते हैं जो जीत का आधार तैयार करेंगे। मसलन भाजपा सरकार , विधान सभा चुनाव के दौरान किए गए वायदों…
उत्कल दिवस समारोह में श्रीमती सारिका मेहेर को उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्यों के लिए…
Positive India:Raipur:
सर्व ओड़िया समाज, छत्तीसगढ़ एवं उत्कल सांस्कृतिक परिषद, रायपुर द्वारा प्रस्तुत सुभाष स्टेडियम, रायपुर में आयोजित कार्यक्रम "उत्कल दिवस समारोह 2024" में बुनकर समुदाय…
12वीं पास धीरेन्द्र शास्त्री के सामने उच्च कोटि के विद्वान भी लाचार क्यों नजर आते…
हर किसी व्यक्ति पर आप झूठा होने का आरोप वही लगा सकता है को केजरीवाल की तरह स्वयं को ब्रह्मांड का इकलौता ईमानदार मानता हो।
क्या गोडसे के महिमा मंडन से भाजपा को चुनाव में लाभ होगा ?
Positive India:Rajkamal Goswami:
यक्ष प्रश्न — क्या गोडसे(Godse) के महिमा मंडन से भाजपा(BJP) को चुनाव में लाभ होगा ?
उत्तर— एक अनावश्यक मुद्दा जो भाजपा की लुटिया डुबो सकता है । बिना मुद्दे…
केजरीवाल की शराब नीति और कांग्रेस के बैंक अकाउंट को लेकर अमेरिकी हस्तक्षेप का सच
दुनिया भर के देशों की आंतरिक राजनीति में अमेरिका का प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष दखल रहता ही है । केजरीवाल उनकी शराब नीति और कांग्रेस के बैंक अकाउंट को लेकर अमेरिकी हस्तक्षेप कोई अचरज वाली बात…
PRESIDENT OF INDIA PRESENTS BHARAT RATNA
Positive India:New Delhi:
The President of India, Smt Droupadi Murmu presented Bharat Ratna at an Investiture Ceremony held at Rashtrapati Bhavan today (March 30, 2024). She conferred…
“तुमने मुझे देखा / होकर मेहरबाँ!”
तीन महीने के सोग़ के बाद शम्मी शूटिंग पर लौटे और जो पहला दृश्य फिल्माया, वो यही गाना था। शूटिंग से पहले शम्मी कपूर वैनिटी वैन में बैठकर रो रहे थे, उनके चेहरे की सुर्ख़ी धुल गई थी, दो गीली…
सावरकर और गाँधी – पार्ट २
सावरकर को सर्वाधिक पीड़ा हुई मोपला विद्रोह के नाम पर मालाबार में मुसलमानों द्वारा हिंदुओं के नरसंहार से ।
सावरकर और गाँधी
भारत में बलाएँ दो ही हैं एक सावरकर एक गाँधी है
एक झूठ का चलता झक्कड़ है एक मक्र की उठती आँधी है