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2019 से क्यों अलग हैं ये चुनाव ?

भाजपा के लिए यह चुनाव 2019 के चुनाव की तरह आसान नहीं है। कांग्रेस को एक से अधिक सीटों का लाभ मिल सकता है। कोरबा कांग्रेस के पास है जहां वह अपना दबदबा पुनः कायम रख सकती है, दूसरी सीट कांकेर…

इस्लाम को न मानने वाला जिन्ना कितना तो जानता था इस्लाम जानने वालों को

यह धर्म की अफीम न होती तो जिन्ना पाकिस्तान की जलेबी कैसे खाता भला । और देखिए कि भारत में अभी भी ऐसे मूर्खों और धूर्तों के अवशेष छोड़ गया है , जो जिन्ना की फ़ोटो ले कर जिन्ना के नारे , डिवाइड…

शांतिनिकेतन महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने की वोट करने की अपील

पॉजिटिव इंडिया :रायपुर; शांतिनिकेतन महाविद्यालय चंगोराभाठा रायपुर के विद्यार्थियों ने मतदान करने का संकल्प लिया। मतदाता जागरूकता के लिए स्लोगन के साथ दिनांक 7 मई 2024 दिन मंगलवार को…

क्या आप जानते हैं कि भारत को दुनिया में सबसे अधिक खतरा किन से है?

भारत एक ऐसे प्रतिद्वंदी के सामने हैं, जिसके पास एक पूरा #ecosystem है, सरकारें हैं, #Media है, #NGO हैं, #Credit agencies हैं, #Global Banking Cartel है, #Academicia है, #Intellectuals हैं।

कोवी़शील्ड वैक्सीन के दुष्प्रभावों पर सवाल करनेवाले कैसे भूल जाते हैं कि इस वैक्सीन…

जिन्हें राजनीति करनी है वे कोविड से बचे ही राजनीति करने लिए हैं तो खूब राजनीति करें । सरकार महामारी से देश को बचा चुकी है इसलिए ज़िन्दा रहने का लाभ उठायें ।

आज के दौर में ट्रेड यूनियन आंदोलन और चुनौतियां

नवउदारीकरण के दौर ने समूचे परिदृश्य को बदल दिया है और ट्रेड यूनियनों के सामने नई चुनौतियां पेश हुई हैं| मुनाफे अधिकतम करने की कोशिश में वित्तीय पूंजी और ज्यादा खूंखार और आक्रामक हुई है और…

हिंदू-मुसलमान का आइस-पाइस , आरक्षण की मलाई और चुनाव के मायने

संविधान की आड़ में , संविधान को बचाने का शोर भी यही नफ़रती तत्व सब से ज़्यादा करते हैं। संविधान तोड़ते रहते हैं , संविधान बचाने का टोटका करते रहते हैं। वह चाहते तो शरिया मुस्लिम पर्सनल लॉ ही हैं…