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तो भीलवाड़ा में आदर्श भी मारा गया
पर धर्मनिरपेक्ष सरकारें इन हत्याओं पर आंखें मूंदें हुए हैं. तथाकथित सेकुलर बुद्धिजीवियों को ये मॉब लिंचिंग नज़र नही आती।
इसे पत्रकारिता नहीं दोगलापन कहते हैं
तथाकथित शोधछात्रा की कहानी गढ़ कर आज सुना रहा राजीव रंजन शर्मनाक उदाहरण है इस तथ्य का कि देश में पत्रकारिता के नाम पर केवल प्रधानमंत्री मोदी के विरुद्ध जहर उगलने की सुपारी लेकर घूम रहे…
वह घुंघराले बाल और संतूर की मिठास ! आह !
पंडित शिव कुमार शर्मा का संगीत तो अमर है , सर्वदा रहेगा। मेरे मन में भी। मेरे लिखने में भी पंडित शिव कुमार शर्मा का संतूर बजता ही रहेगा। बस वही नहीं रहेंगे।
हमारे समाज के लेखक का कबीर आख़िर कहां गुम हो गया है ?
मीडिया को हमारा समाज अब दलाल नाम से जानता है । क्या आप लोग चाहते हैं कि आने वाले दिनों में मीडिया की तरह लेखक समाज को भी दलाल कह कर , जाना जाए ? माफ़ कीजिए हमारे आदरणीय लेखक मित्रों आज के दिन…
देश को अब चाहिए योगी जैसा एक सबल और प्रभावी गृह मंत्री
अमित शाह जैसा निर्बल और नाकारा गृह मंत्री देश नहीं चाहता। कभी एक मोहम्मद ताहिर , कभी एक अमानतुल्लाह अमित शाह को भरी दिल्ली में पानी पिला देता है।
‘आप’ की दस्तक के मायने
प्रदेश में आप का सांगठनिक ढांचा बहुत कमजोर है। बौद्धिक वर्ग में भी उसका असर नहीं है जबकि यह उन्हीं की पार्टी कहलाती है। अपने अस्त-व्यस्त पार्टी के सांगठनिक ढांचे को नये सिरे से खडा करने के…
नाम ज्ञानवापी और मस्जिद ! चौंके नही आप ?
ज्ञानवापी कोई मस्जिद नही बल्कि हिंदू मंदिर पर बना एक कलंक है,बाकी वहां अपने महादेव की ओर मुख करके महादेव की प्रतीक्षा करते बैठे नंदी महाराज सारी सच्चाई स्वयं बता दे रहे हैं।
अम्मा के नीलकंठ विषपायी होने की अनंत कथा
मुनव्वर राना का यह शेर मेरी ज़िंदगी में भी बेहिसाब घटा है। कि अब क्या कहूं।
इस तरह मेरे गुनाहों को वो धो देती है
माँ बहुत ग़ुस्से में होती है तो रो देती है ।
बल्कि वह तो गुस्सा ही नहीं…
सीमांत किसानों को कृषि मशीनीकरण उपकरण प्रदान करेगा जेएसपीएल फाउंडेशन
शालू जिंदल ने कहा कि जिंदल कृषि विकास कार्यक्रम का उद्देश्य उत्पादन, उत्पादकता और नकद आय तक पहुंच में स्थायी वृद्धि के लिए कृषि मशीनीकरण के माध्यम से सीमांत किसानों का समर्थन करना है।
औरंगज़ेब ने कभी ख़्वाब में भी नहीं सोचा होगा कि ये मस्जिदें वापस ली जाएंगी
मूल काशी विश्वनाथ मंदिर जब ध्वस्त किया गया तब नंदी जो मंदिर के बाहर मंदिर की ओर मुँह करके स्थापित था वह टूटने से बच गया । तब से यह नंदी अनवरत मस्जिद की ओर मुँह करके अपने स्वामी की प्रतीक्षा…