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Editorial

मौन को कोलाहल निगल लेता है , साधना को संभोग

रशियन सुंदरी दारिया और भारतीय अधेड़ विनय के कामसूत्री मनोशारीरिक प्रयोगों से चित्रलेखा के कुमारगिरि की पाप पुण्य की विवेचना मन मे आती है ।फिर पृश्न उठता है कि ध्यान में साधना या काम और वासना?

सिनेमाई संसार में पराजित प्रेम कहानियों की सर्वश्रेष्ठ नायिका कौन? रेखा! रेखा और केवल…

प्रेम बूढ़ा नहीं होता कभी! रेखा कभी बूढ़ी नहीं होंगी। यूँ ही गुजर जाएंगी, कातिक की रात में रजनीगन्धा की गंध लिए निकले किसी झोंके की तरह... यही उनकी नियति है...

भारत जैसा सेक्यूलर दोगलों का देश नहीं है इजराइल

आतंक , और आतंकी के साथ नो सहानुभूति। अबकी हमास का कोई नामो-निशान नहीं रहेगा। क्यों कि इजराइल , भारत नहीं है। न ही भारत जैसा सेक्यूलर दोगलों का देश है।

हमास ने इस्राइल से युद्धविराम और वार्ता की क्यों पेशकश की?

रह गया हमास अकेला । अभी तो दो दिन भी नहीं हुए इस्राइल का ग़ुस्सा तो इतनी जल्दी ठंडा होने वाला नहीं है । वह तो ग़ाज़ा का नामोनिशान मिटाने का संकल्प लेकर युद्धरत है । वैसे भी हमास सुन्नी है और…

हमास की सीमित सफलता भी भारत के लिए एक सबक़ क्यों है?

भारत लाख आर्थिक प्रगति कर ले पाकिस्तान का बच्चा बच्चा भारत और हिंदुओं के प्रति नफ़रत के साथ ही पलता बढ़ता है । उसके अंदर भारत के साथ स्पर्धा का नहीं बल्कि ईर्ष्या का भाव है । ग़ज़वा ए हिंद…

हमास – इजरायल युद्ध को लेकर भारतीय मुसलमानों की दुविधा बड़ी विचित्र क्यों है?

हिन्दुस्तान में मुसलमान का यह तर्क है कि अतीत को भूल जाओ और इज़रायल में यह तर्क है कि अतीत को कभी भूलने न देंगे, यह कैसे चलेगा, बिरादर?

वामपंथियों ने इसराइल के खिलाफ अभी तक कोई स्टैंड क्यों नहीं लिया है?

नेशनल इंटरनेशनल हर जगह सोशल मीडिया पर इजरायल की आवाज को साथ मिलता दिख रहा है। भारत की मेनस्ट्रीम मीडिया भी इसराइल के साथ पूरी तरह खड़ा नजर आ रहा है। लेकिन ताज्जुब की बात है, वामजगत के…

इंडी गठबंधन के एक भी सदस्य ने इजरायल के निर्दोष नागरिको की मौत पर सहानूभूति क्यों…

जरा सोचिये कि अगर हमारे यहां ऐसा कुछ होता तो सेकुलर,लुटियन लॉबी,मीडिया के कुछ भांड,क्रिप्टो क्रिश्चियन और विपक्ष के कुछ चीन पाक के दल्ले पहले सबूत दिखाओ तब आक्रमण मानूंगा कह कर…