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Editorial

श्री प्रेमानंदजी वर्तमान काल के अत्यन्त लोकप्रिय संत क्यों हैं?

चूंकि श्री प्रेमानंद जी नैष्ठिक ब्रह्मचारी हैं, इसलिए इन्द्रिय संयम का उपदेश देते हैं। युवाओं से ब्रह्मचर्य व्रत के पालन का आग्रह करते हैं। युवतियों से कहते हैं कि विवाह तक 'पवित्र' रहें।…

जब लालू यादव को गिरफ्तार करने के लिए सेना बुलानी पड़ी थी

बिहार पुलिस ने हाई कोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए , लालू यादव की गिरफ्तारी के लिए सेना की मदद मांगी। लिखित चिट्ठी लिख कर मांगी। बताया कि हालत बहुत ज़्यादा बिगड़ सकते हैं। युद्ध जैसे हालात…

सचिन के ट्वीट पर लिबरल ब्रिगेड में एक बार फिर खलबली क्यों मच गई?

सचिन तेंदुलकर जब आतंक स्पॉन्सर्ड कंट्री पाकिस्तान के साथ गले में गले मिलकर क्रिकेट खेल रहे थे, तब वह क्रिकेट के भगवान थे। लेकिन जैसे ही उन्होंने राष्ट्रीय हित के मुद्दे पर स्टैंड लेना शुरू…

रायपुर की‌‌ जनता से वोट मांगने वाले प्रत्याशी वायु प्रदूषण पर आखिर चुप्पी क्यों साधे…

Positive India:Rakesh Choubey: #रायपुर। वायु प्रदुषण से आज हर कोई जूझ रहा है।छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के दावे को झूठा बताया है कि रायपुर में वायु प्रदूषण कम हो रहा है। बल्कि हकीकत यह…

गाय को दयाधर्म की मूर्तमंत कविता क्यों कहा जाता है?

"गाय का अर्थ मैं मनुष्य के नीचे की सारी गूँगी दुनिया करता हूँ। इसमें गाय के बहाने इस तत्त्व के द्वारा मनुष्य को सम्पूर्ण चेतन-सृष्टि के साथ आत्मीयता का अनुभव कराने का प्रयत्न है। गाय दयाधर्म…

हिंदी फ़िल्मों की खाद है, खनक और संजीवनी भी है खलनायकी

जिधर देखिए गब्बर सिंह की धूम। यह पहली बार हो रहा था कि किसी खलनायक के डायलाग जनता सुन रही थी। और कैसेट कंपनियां गाने के बजाय डायलाग की सी.डी. बाज़ार में उतार रही थीं। गब्बर के डायलाग। गब्बर…

लव जेहाद ही नहीं , , किसी भी जेहाद से मुक्ति पाने के लिए फ़्रांस मॉडल पूरी दुनिया के…

सेक्यूलरिज्म की नकाब उतार कर फेंक दीजिए। अपना स्वाभिमान , अपनी जान , अपनी बेटियों को बचाइए। जैसे सती प्रथा से मुक्ति पाई थी , भारतीय समाज ने , जैसे विधवा विवाह होने लगे हैं। जैसे तमाम और…

बिहार में उद्योग क्यों नहीं है? बिहारी बाहर क्यों जाते हैं?

अनिल अग्रवाल जी को नमन है। हम बिहारियों को अनपढ़, गँवार, असभ्य, कुरूप, श्रमिक आदि मान कर, ‘बिहारी’ पुकार कर गाली देने वालों के लिए यह कई उदाहरणों में से एक है। यदि अनपढ़ और गँवार बिहारी का…

हर वर्ष रावण का पुतला जलाने की क्या आवश्यकता है?

बिल्कुल आवश्यकता है। बल्कि यह आवश्यकता सदैव रहेगी। क्या अब भेष बदल कर लड़कियों के साथ छल करने वाले रावण नहीं है धरती पर? गृहस्थों की गृहस्थी तबाह करने वाली सूर्पनखाएँ नहीं क्या? सज्जन दिखने…