Browsing Category
Editorial
एक ही गीतकार, एक ही साल में दो बातें कैसे लिख सकता है?
हम चाहे जितने रैशनल हों, उस परम्परा के ही हिस्से हैं, जिसमें सदियों से ईश्वर की प्रार्थना की जा रही है। जब हम अपने विपरीत जाकर कोई चीज़ लिखते हैं, तब वह परम्परा हम में से बोलने लगती है।
हम सौ साल तक भारत से जंग नहीं चाहते – पाकिस्तान
इस्लाम का लक्ष्य पूरी दुनिया को इस्लामी झंडे के नीचे लाना है । ग़ज़वा ए हिंद उनकी हदीसों में दर्ज है । सौ बरस का इंतज़ार कर लेंगे वह ।
राहुल गांधी की यात्रा की हवा निकाल दी मायावती ने
मायावती लोगों की हवा निकालने में मायावती निपुण हैं। कभी मुलायम की निकाली थी।
नववधुएं इतनी निष्कवच क्यों होती हैं? क्या इसलिए कि वे सबसे सुंदर होती हैं?
ऋत्विक घटक की फ़िल्म 'तिताश एक्टी नोदीर नाम' में नववधू को नौका से दस्यु अपहृत कर लेते हैं।
महान फ़ुटबॉल खिलाड़ी फ्रांत्स बेकेनबॉउर का हुआ निधन
Positive India:Sushobhit:
जर्मनी के सर्वकालिक महान फ़ुटबॉल खिलाड़ी फ्रांत्स बेकेनबॉउर का पिछले दिनों निधन हो गया। अंग्रेज़ी अख़बारों ने उनके क़द के अनुरूप उन पर विपुल सामग्री दी। लेकिन हिन्दी…
तो क्या राम नमाज़ पढ़वाने वाले मस्जिद के इमाम हैं ?
राम भगवान हैं। आराध्य हैं। मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। नमाज पढ़ाने वाले इमाम नहीं।
एक रूपसी चली आ रही है। दुपट्टा हवा में उड़ रहा है।
Positive India:Sarvesh Kumar Tiwari:
जेहि चितवें एक बारि....
एक परीक्षा देने पटना आया हूँ। परीक्षा कक्ष भर गया है। कुछ खाली है तो मेरे हृदय में थोड़ी सी जगह और मेरे बेंच पर बगल…
श्रीरामजन्मभूमि पर मन्दिर निर्माण के संघर्ष की गाथा
मन्दिर वहीं बना है, जहाँ बनाने की सौगन्ध खाई गई थी!
मुसलमानों को अभी तक तो यही लग रहा था कि वे भारत जीत लेंगे
Positive India:Kumar S:
मुसलमानों को अभी अभी तक तो यही लग रहा था कि वे भारत जीत लेंगे।
उन्हें लगता है कि उन्होंने 600 साल राज किया, बीच में अंग्रेज टपक पड़े वरना सबकुछ उनका ही था। अलीगढिया…
हिन्दू धर्म में सर्वोच्च पद की अवधारणा क्यों नहीं?
मुदित अग्रवाल जी का इतना सुंदर आलेख, पहले नहीं पढ़ा होगा।