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Editorial
प्रशांत किशोर का बाजारवाद बनाम स्वतंत्रता सेनानियों का लोकतंत्र
इस देश का लोकतंत्र इतनी गर्त मे जाऐगा, ये आजादी के दिवानो ने भी नही सोचा होगा । वहीं मेरे को उन नेताओं से भी शिकायत है जिन्होने अपने फायदे के लिए इस देश को बाजार का हिस्सा बना दिया ।
युवराज के लिए जिंदगी_से_बढ़कर_विश्वकप
युवराज के सामने सिर्फ दो ही विकल्प थे *जिंदगी या वर्ल्डकप* । बहुत विचार करने के बाद युवराज ने वर्ल्डकप को चुना । वजह थी कि उन्होंने अपने गुरु को वादा किया था कि इस बार का विश्वकप सिर्फ और…
रोहिंगया मुसलमान बनाम बंगाल में राजनैतिक हिंसा
अवैध बांग्लादेशी लोगों ने यहां के भ्रष्टाचार और राजनीतिक वोट के चलते अपनी नागरिकता बना ली है; वो भी यही चाह रहे है कि ममता की सरकार बनी रहे, जिससे उनकी नागरिकता बरकरार रहे ।
भारतीय समाज में वीआईपी कल्चर का स्थान
Positive India:Dr.Chandrakant Wagh:
वी आई पी कल्चर पर मेरे मित्र डा. शिशिर धागमवार ने लिखा है, अब इसके आगे मैं भी लिखने की कोशिश कर रहा हू । निश्चित ही किसी भी आम आदमी के यहा जब कोई भी बड़ा…
योगी द्वारा राम की काष्ठ मूर्ति के अनावरण के मायने
जब मुद्दे को अदालत से ही सुलझना है तो फिर इस तरह के बेवजह के कार्यक्रम करने की क्या आवश्यकता ? मंदिर मुद्दे पर हर साल संतो की बैठक का भी क्या मतलब ? अगर कोर्ट मे मामला है और निर्णय भी उसी को…
भारतीय राजनीति में असामाजिक तत्वों का योगदान
आज जिधर देखो अफरा-तफरी का ही माहौल है पश्चिम बंगाल, केरल, उत्तरप्रदेश व बिहार मे खुलकर तलवार लहराये जा रहे है। कट्टे का खुलकर उपयोग हो रहा है। सिर्फ बंगाल मे ही चुनाव के दरमियान इतनी हत्याऐं…
सिध्दांतों से हटकर बेमेल गठबंधन का हश्र
इन दलो ने पार्टी को जहाँ एक तरफ अपनी जागीर समझा वहीं कार्यकर्ताओं को सिर्फ कारिंदे ही समझा।
ओवैसी ने लगाया धर्मनिरपेक्षता और तुष्टिकरण में हिस्सेदारी का तड़का
ओवैसी आप अपने को इस देश का किरायेदार समझते हो तो ये आपको मुबारक पर हम तुमको अब हिस्सेदार नही समझते ।
राम मंदिर के साथ मोदी 2.0 की अहम चुनौतियां
आतंकवादी घटनाओं पर काबू पाना, घाटी पर नियंत्रण चुनौती होगी । नये रक्षा सौदे में पाक साफ निकलना होगा । जब से देश आजाद हुआ है रक्षा घोटालो की लिस्ट खत्म ही नही हो रही है । अभी राफेल का…
वंशवाद बनाम महागठबंधन बनाम कामदार
गृहमंत्री भी अब सख्त व्यक्ति है, जिनके पास संदेश पहुंचना है पहुंच गया होगा । इस देश की जनता ने अपने मताधिकार का प्रयोग बिल्कुल सही किया है, जिसका उदाहरण मोदी सरकार 2.0 है ।