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Editorial
गृहमंत्रालय में बैठे बाबूओ ने बलिदानी जवानों के परिजनों के साथ खेला क्यों किया ?
शहीदों के अधिकार और सम्मान के लिए आवाज उठाइये ताकि गृहमंत्रालय में बैठे बाबू और नौकरशाह यदि उनके परिजनों के साथ कोई "खेल" कर रहे हैं तो उसका पर्दाफाश हो।
वाह रे नेताओं देश को बाजार बना दिया!
धिक्कार है इन नेताओं को जो प्रशांत किशोर जैसों का सहारा लेते है। इतनी हिम्मत नहीं कि अपने राजनीतिक कामों से चुनाव का सामना कर सके ।
मुस्लिम तुष्टिकरण की पैदाइश मुख्तार अंसारी, शहाबुद्दीन तथा अतीक का ढहता किला
जिन बाहुबलियों के नाम पर कभी यूपी,बिहार कांपता था वो आज भीगी बिल्ली बन कर क्यों म्याऊं म्याऊं कर रहे है..??
रिपोर्टरों पर सत्ताधीशों के गुंडे बेखौफ और बेलगाम होकर हमला क्यों करते हैं?
नौजवान रिपोर्टरों पर सत्ताधीशों के गुंडे बेखौफ और बेलगाम होकर हमला इसीलिए करते हैं क्योंकि वो जानते हैं कि इन रिपोर्टरों के मठाधीश आका बेशर्म हैं बिकाऊ हैं और हमारे इशारे पर कठपुतलियों की…
मुलायम सिंह यादव यदि दूध के धुले नहीं हैं तो अमिताभ ठाकुर भी चरणामृत के नहाये नहीं…
लखनऊ में हुए लगभग आधा दर्जन अत्यंत जघन्य अपराध जब चर्चित हुए तो चर्चा की उस गंगा में अमिताभ ठाकुर ने अपने बयानों के हाथ जमकर धोये लेकिन समय के साथ उन अपराधों के विरुद्ध कार्रवाई के नाम पर…
योग्यता पिट जाती है आरक्षण तोड़ता बहुत है
जातियों का भस्मासुर अब बड़ी गांठ हो गई,
राजनीति का रेगिस्तान अब तोड़ता बहुत है।
NCRB के दस्तावेजों के अनुसार उत्तरप्रदेश में नहीं बंगाल में चल रहा है जंगलराज
ममता के बंगाल में हत्या के प्रयास सरीखे जघन्य अपराध की दर उत्तरप्रदेश से 480 % अधिक थी।
बंगाल में अपहरण करने सरीखे जघन्य अपराध की दर उत्तरप्रदेश से 177 % अधिक थी।
बंगाल में महिलाओं के…
ऐसा लगता है कि नौ सौ चूहे खा कर बिल्ली हज को जा रही है
ममता बनर्जी के संरक्षण में TMC के गुंडों द्वारा "कट मनी" और "टोलाबाजी" नाम से पूरे बंगाल में बरसों से की जा रही संगठित लूट सरीखा एक भी उदाहरण पूरे उत्तरप्रदेश में नहीं मिलेगा।
सेक्युलरिज्म नाम का भयानक चेहरा शोभा मजूमदार की हत्या से एकबार फिर हुआ पूरी तरह नंगा
TMC के गुंडों द्वारा 85 वर्षीय असहाय, निर्बल, निर्धन, वृद्धा शोभा मजूमदार की हत्या पर वो केजरीवाल और राहुल गांधी भी गूंगों की तरह चुप्पी साधे है, जो बछड़ाचोर गौहत्यारे अख़लाक़ की मौत के गम में…
पक्का हो गया कि दो मई को बंगाल में पोरिबोर्तन होबे
लोकतांत्रिक रूप से बंगाली जनमानस के अंदर भरे भड़ास के विस्फोट का आरम्भ हो चुका है।