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Editorial

भारत में बसे तालिबानों पर हमारी चुप्पी कब टूटेगी ?

सेक्यूलर हिप्पोक्रेटों से पूछा जाना चाहिए कि यह सब क्या आर एस एस और भाजपा के लोग करवा रहे हैं ? मोदी और योगी की कारस्तानी है ? जी नहीं , नापाक़ इस्लामी शिक्षा और उस की नसीहतें हैं।

लोकतंत्र के नाम पर देश और धर्म की बोटियां नोचने वाले #सफेदपोश_बगुलों का विश्लेषण

आनंदमठ उपन्यास हिन्दू सन्यासियों द्वारा मुस्लिम साम्राज्य मे शासकों के अत्याचार और गुलामी से आजादी के लिए लड़ाई की कहानी है, यह अंग्रेजों से लड़ाई की नहीं है (यह बात कांग्रेस और कम्युनिस्टों…

छत्तीसगढ़ को अपने कलम से गढ़ने को तैयार एक युवा साहित्यकार

गजेंद्र साहू छत्तीसगढ़ी भाषा के उत्थान व उसे सविधान की आठवीं अनुसूची में दर्ज कराने के पहल में अपना सर्वस्व योगदान देना चाहते है। उनकी बहुत जल्द छत्तीसगढ़ी भाषा में कहानी संग्रह ‘अँजोरी पाख’…

भारत की आस्तीन के वामपंथी सांप पाकिस्तान के कौमी तराने क्यों बजाने लगे ?

धूर्त वामपंथी संपादक टोक्यो ओलिंपिक में भारतीय तिरंगे की बराबरी में पाकिस्तानी के इस्लामी झंडे को फहराता हुआ और भारतीय राष्ट्रगान के साथ पाकिस्तान के कौमी तराने को बजता हुआ सुनना चाहता है।

नीरज चोपड़ा का गोल्ड मेडल पेगसस टीम से बर्दाश्त क्यों नहीं हो रहा ?

पूरा देश गोल्ड मेडल में चहक और गमक रहा है पर इस पेगसस ऊर्फ टुकड़े-टुकड़े गैंग वालों का पृष्ठ भाग इतना सुलग गया है कि पाकिस्तान को गोल्ड मैडल की परिकल्पना के सुख में डूबा हुआ है।

किसान आंदोलन में दम होता तो बासी पैगसस का कोहराम न होता

किसान आंदोलन में दम होता तो बासी पैगसस का कोहराम न होता। पैगसस का मामला 2019 का है। विपक्ष समेत नरेंद्र मोदी वार्ड के मरीजों को अब से सही समझ लेना चाहिए कि मंकी एफर्ट्स से देश की छवि से खेला…