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Editorial
औरंगज़ेब न सिर्फ़ हिंदुस्तान पर कलंक बन कर उपस्थित था बल्कि मनुष्य विरोधी भी था
औरंगज़ेब को इतिहास में कत्ले आम और लूट पाट के लिए जाना जाता है ।
औरंगज़ेब में अगर आप को अपना पुरखा दीखता है तो सीधे घोषित कर दीजिए। अपना बाप मान लीजिए। किसी को कोई ऐतराज नहीं है ।
क्या ये समाचार चैनल विश्व के उन सत्तावन इस्लामी देशों की धर्मनिरपेक्षता के विषय में…
करनाल में वो तथाकथित किसान भाजपा की बैठक का विरोध कर रहे थे न कि अपनी मांगों के पक्ष में शांतिपूर्ण आंदोलन।
क्या कानून का खौफ नहीं होना चाहिए उत्पातियों के जहन में...?
स्त्री पर हाथ डालने वाले की उंगलियां नहीं काटते, काटते हैं उसका गला!
मनोज मुन्तशिर ने कोई भी ऐसी बात नहीं की, जो प्रमाणित तथ्य न हो। उन्होंने तो ऐतिहासिक सत्य बताया है। फिर वे कौन से धूर्त लोग हैं जिन्हें सत्य चुभ रहा है? भारत की दशा क्या ऐसी हो गयी है जहाँ…
अमरीकी सेना तालिबान की दवाई करने के लिए एक बार फिर अफगानिस्तान लौटेगी और जल्दी ही।
अफगानिस्तान में रह रहे निर्दोष लोगों पर तालिबानी बर्बरता देखते हुए समूची दुनिया अमरीका की हजामत बना रही है। अमरीका को दोषी बता रही है। तो अमरीका दुनिया में अपनी साख और दारोगागिरि का दबदबा…
नारायण राणे के विरुद्ध बचकानी बेहूदा पुलिस कार्रवाई का खामियाजा निकट भविष्य में…
जिन बाला साहब ठाकरे का नगाड़ा बजा बजाकर उद्धव ठाकरे आजकल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर डटा हुआ है उन बाला साहब ठाकरे के साथ इसी मुम्बई में छगन भुजबल ने जुलाई 2000 में क्या और कैसा…
अफगानिस्तान से #मुसलमान भी जान बचा कर अपने बीवी-बच्चों सहित घर-बार छोड़ कर क्यों भाग…
कौन से मजहब को मानता है तालिबान...? कौन सी मजहबी किताब को फाॅलो करते हैं तालिबानी...? कहाँ से मिलती हैं उन्हें निर्दोष लोगों को कत्ल करने की प्रेरणा ये सब जानते हैं, फिर क्या वजह है कि हम उन…
नए कृषि कानूनों को लेकर सरकार और किसान संगठन क्यों है आमने-सामने ?
कोढ़ में खाज की तरह विपक्षी राजनीतिक पार्टियां आगामी राज्यों के तथा केंद्र के चुनावों तक यह कभी नहीं चाहेंगे कि इस मुद्दे का कोई ऐसा सर्वमान्य समाधान निकल आए जिससे कि किसान भी संतुष्ट हो…
हिंदुओं का दुर्भाग्य भी देखिए भारत जोड़ो आंदोलन के पूरे इस प्रकरण में।
इस जागरण आंदोलन के ढांचे से हमारी एक कमजोरी भी निकल कर आई। वह कमजोरी ये कि नैरेटिव का व्यापार चलाने वाले लिबरल लेफ्ट खेमा समेत तमाम दरबारी मीडिया के हम सेल्फ मेड शिकार हुए। एक पल के लिए कहें…
त्रेता युग के सब से बड़े राम भक्त अगर हनुमान हैं तो कलयुग के बड़े राम भक्त कल्याण सिंह
हनुमान ने रावण की लंका में आग लगाई थी तो कल्याण सिंह ने हिप्पोक्रेट सेक्यूलरों की लंका में आग लगाई थी और राम मंदिर का सपना बुन लिया था। लोहिया ने लिखा है कि राम, कृष्ण और शिव भारत में…
भाजपा और आर एस एस वाले कभी नहीं सुधरेंगे !
पाकिस्तान के मुल्ला , मौलवी अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान की हरक़तों की मजम्मत कर रहे हैं और भारत के मौलवी , मुल्ला तालिबान की खुशामदीद में संलग्न नज़र आ रहे हैं। अजब मंज़र है!