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Editorial
जब लालू यादव को गिरफ्तार करने के लिए सेना बुलानी पड़ी थी
लालू के जंगल राज में घर से निकलना तो दूर घर की छत पर भी जाने में डर लगता था।
उपचुनाव के परिणामों का पेट्रोल की कीमत से कुछ लेनादेना क्यों नहीं?
असम में हेमंत बिस्व सरमा की एकतरफा प्रचंड विजय ने भी यह संदेश दिया है कि मुख्यमंत्री योगी की ही शैली में ही सफेदपोश कट्टरपंथी जिहादियों से निपटना होगा।
जिन्ना के दलालों से पूछना चाहता हूं कि मेरा देश बंटा क्यों?
क्या आजादी से पहले भारत भूखे,नंगो और भिखमंगो का देश था???
आख़िर वुजू के बिना नमाज होती कैसे है सड़क या सार्वजनिक जगह पर ?
सड़क या सार्वजनिक जगह पर यह नमाज पढ़ने वाले लोग पानी कहां पाते हैं ? वुजू कैसे करते हैं ? सड़क या सार्वजनिक जगह पर नमाज से क्या भाई-चारा खंडित नहीं होता। यह भी सामजिक अध्ययन का विषय है। यह…
आखिर मोदी ये लड़ाई किन ताकतों से लड़ रहे है किसके लिये और क्यों लड़ रहे है ?
दरअसल नरेंद्र मोदी ने जिस प्रकार फार्मा लॉबी को स्वदेशी कोरोना की वैक्सीन बना कर नीचा दिखाया...जिस प्रकार मेक इन इंडिया का नारा देकर वायुयान और सेना की जरूरत के हथियारों को पूरा करने के लिये…
मां के बनाए काजल की कालिख से मुनव्वर राना ने अपना चेहरा काला कर लिया
मुनव्वर राना ने मां के बनाए काजल को अपनी आंख में लगाने के बजाय अपने चेहरे पर पोत कर अपना चेहरा काला कर लिया है। इंसानियत को शर्मशार कर दिया है। धिक्कार है इस मुनव्वर राना पर। वह लोग जो…
दीवाली के पटाखों के विरुद्ध चिन्ता का पाखण्ड दूषित और हिन्दू हिंदुत्व विरोधी षड़यंत्र…
क्या दीवाली के अलावा साल के शेष 364 दिनों में वायु प्रदूषण के कारण प्रतिदिन मरनेवाले 3287 लोगों की जान की कोई कीमत नहीं है.?
आदिगुरु भगवान शंकराचार्य की प्रतिमा की स्थापना सनातन समाज के लिए गौरव का विषय है।
हमारे लिए बहुत शर्म की बात है ये। इन मठाधीशों को हम अपनी तरफ से शर्म प्रेषित करते हैं। शर्म प्रेषित करते हैं उन जड़ हिंदुओं को भी जो प्रधानमंत्री मोदी की केदारनाथ यात्रा पर प्रश्न उठा रहे…
जयंती सरदार पटेल की पर गुणगान जिन्ना का?
जिन्ना का गुणगान राष्ट्र के विभाजन का गुणगान है। जो कि समाजवादियों के लिए राष्ट्रद्रोह नहीं बल्कि समाजवाद की एक नई जिम्मेदारी है।
काबुल नदी का जल भारत के टुकड़े कर देने वालों के मुंह पर एक जोरदार तमाचा है।
बौद्धिक वामपंथियों के पास उस बालिका के लिए कोई जवाब नहीं है जिसने अयोध्या से 1500 किलोमीटर दूर होने के बावजूद भगवान श्री राम को अर्पित करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को काबुल नदी का जल भेजा।…