www.positiveindia.net.in
Browsing Category

Editorial

चुनाव का डर ही अगर सब कुछ है तो नरेंद्र मोदी किस लिए भला ?

कृषि क़ानून की वापसी भर नहीं है यह। नरेंद्र मोदी नाम के इक़बाल और धमक का मिट्टी में मिल जाना है यह। इंदिरा गांधी के बाद देश को कोई सख़्त फ़ैसले लेने वाला प्रधान मंत्री मिला था तो वह नरेंद्र मोदी…

कृषि कानून वापसी की खबर सुनते ही मन भारी हो गया

इस शोक में मिठाइयां बंट रही हैं। जश्न का माहौल है। देशभर में ढोल नगाड़े बज रहे हैं। लोग खुशी से झूम रहे हैं। ये वही लोग हैं जो मोदी में से उसके असल व्यक्तित्व को मारकर एक निस्तेज व्यक्तित्व…

लेकिन गांधी को राष्ट्रपिता का ख़िताब तो नेता जी सुभाषचंद्र बोस ने ही दिया है

नसीरुद्दीन शाह , शाहरुख़ ख़ान , आमिर ख़ान जैसों चुके हुए अभिनेताओं की तरह कंगना रानावत को ख़बरों में बने रहने के लिए ऐसी बेहूदा और निरर्थक बयानबाजी से भरसक परहेज़ करना चाहिए। विवादित बयान देने की…

राष्ट्रीय प्रेस दिवस तथा पत्रकारिता का विश्लेषण

समाचारों पर आधारित विचार तो स्वागत योग्य हो सकते हैं, परंतु विचारों पर आधारित समाचार अभिशाप की तरह है। ऐसी पत्रकारिता को पीत पत्रकारिता कहते हैं जिसमें सही समाचारों की उपेक्षा करके सनसनी…

भारत की तरक्की से श्वान वृत्ति और प्रवृत्ति वालों की तकलीफ़ क्यों बढ़ती ही जा रही है?

हबीबगंज को रानी कमलापति कर दे रहे हैं। अति कर दी है। हबीबगंज को रानी कमलापति कर दिया। एक पूर्व शासक के प्रतीक का नाम हटा कर औरत का नाम लगा दिया स्टेशन पर। वह औरत जो उन की किताब के मुताबिक़…

वामपंथी और विपक्षी पार्टियां हिंदू बनने का पाखंड क्यों कर रही है?

देश के 136 साल पुरानी पार्टी के समर्थक और उसके संरक्षक वामपंथी नक्सली कथित विद्वानो ने अपने अस्तित्व को बचाने का एक अन्तिम अभियान छेड कर अपने दल को बचाने के लिये केवल कुतर्की बयान दे रहे है।…

गढ़चिरौली में सी-60 यूनिट के कमांडो फोर्सेज ने 26 नक्सलियों का किया एनकाउंटर

केपी रघुवंशी की बनाई सी-60 यूनिट की काबिलियत को देखते हुए 2 साल पहले केंद्रीय गृह सचिव ने देशभर के अर्धसैनिक बलों के डीजी को इसी तर्ज पर कमांडो के गठन को प्रोत्साहित किया था।

गलत क्या कह दिया कंगना ने?

तत्कालीन कांग्रेस की सभी 15 राज्य कमेटियों में से 12 राज्य कमेटियों ने 25 अप्रैल 1946 को हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में नेहरू नहीं सरदार पटेल के नाम का प्रस्ताव रखा था। शेष तीन राज्य…

हाय ! हम क्यों न हुए खुशवंत !

नेहरु आते ही हवाई अड्डे से सीधे बिना किसी शेड्यूल के लेडी माउंटबेटन से मिलने चले जाते हैं। लेडी माउंटबेटन गाऊन मे ही उन का दरवाज़े पर वेलकम करती हैं। एक लंबे आलिंगन और चुंबन के साथ। छुपे हुए…

क्या प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ उनके घर में ही साज़िश हो रही है?

घोर मोदीविरोधी ऑनलाइन मैगज़ीन मीडियापार्ट है जो पहले दिन से ही राफेल डील में दलाली खाने का आरोप मोदी सरकार पर लगा रही है। राफेल डील को रद्द कराने के लिए लगातार वह झूठी रिपोर्टें छाप रही है,…