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Uttar Pradesh
इसे पत्रकारिता नहीं दोगलापन कहते हैं
तथाकथित शोधछात्रा की कहानी गढ़ कर आज सुना रहा राजीव रंजन शर्मनाक उदाहरण है इस तथ्य का कि देश में पत्रकारिता के नाम पर केवल प्रधानमंत्री मोदी के विरुद्ध जहर उगलने की सुपारी लेकर घूम रहे…
देश को अब चाहिए योगी जैसा एक सबल और प्रभावी गृह मंत्री
अमित शाह जैसा निर्बल और नाकारा गृह मंत्री देश नहीं चाहता। कभी एक मोहम्मद ताहिर , कभी एक अमानतुल्लाह अमित शाह को भरी दिल्ली में पानी पिला देता है।
नाम ज्ञानवापी और मस्जिद ! चौंके नही आप ?
ज्ञानवापी कोई मस्जिद नही बल्कि हिंदू मंदिर पर बना एक कलंक है,बाकी वहां अपने महादेव की ओर मुख करके महादेव की प्रतीक्षा करते बैठे नंदी महाराज सारी सच्चाई स्वयं बता दे रहे हैं।
अम्मा के नीलकंठ विषपायी होने की अनंत कथा
मुनव्वर राना का यह शेर मेरी ज़िंदगी में भी बेहिसाब घटा है। कि अब क्या कहूं।
इस तरह मेरे गुनाहों को वो धो देती है
माँ बहुत ग़ुस्से में होती है तो रो देती है ।
बल्कि वह तो गुस्सा ही नहीं…
औरंगज़ेब ने कभी ख़्वाब में भी नहीं सोचा होगा कि ये मस्जिदें वापस ली जाएंगी
मूल काशी विश्वनाथ मंदिर जब ध्वस्त किया गया तब नंदी जो मंदिर के बाहर मंदिर की ओर मुँह करके स्थापित था वह टूटने से बच गया । तब से यह नंदी अनवरत मस्जिद की ओर मुँह करके अपने स्वामी की प्रतीक्षा…
जानिए कैसे युगों बाद माँ से मिलने गया जोगी कुछ घण्टों बाद फिर लौट आया अपने कर्तव्य…
मुगल काल में जब धर्मपरिवर्तन का जोर हुआ तो देश के बहुत बड़े हिस्से में इन्हीं नाथपंथी जोगियों ने थामा था हिंदुत्व को। वे लड़े आतंकियों से, अपराधियों से, देश और धर्म के शत्रुओं से... ये जोगीजी…
यह जो परेशान लोग रवीश कुमार के प्राइम टाइम में आते हैं !
अगर रवीश कुमार , उन की एजेंडा पत्रकारिता और उन का प्राइम टाइम नहीं होता तो यह तमाम परेशान , बीमार और कुंठित लोग कहां जाते भला। कौन सी दवा खाते , किस के कंधे पर अपना सिर रखते , रोते और अपना…
आपके लिए क्यों जानना जरूरी है लाउडस्पीकर लाउडस्पीकर में क्या फर्क है?
लाउडस्पीकर लाउडस्पीकर में फर्क है। फर्क ठीक वैसे ही जैसे धर्म और मजहब में है।
1मई 2022 को उज्ज्वला दिवस के अवसर पर 5000 एलपीजी पंचायतों का आयोजन
पॉजिटिव इंडिया: दिल्ली;
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) प्रत्येक बीपीएल परिवार को निशुल्क एलपीजी कनेक्शन प्रदान करके सामाजिक समावेश की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस योजना का शुभारंभ…
क्या गोरखनाथ मंदिर पर केवल किसी मतान्ध उन्मादी युवक द्वारा किया गया हमला था ??
मुर्तजा नाम का जेहादी हरा कीड़ा अब ATS की मजबूत गिरफ्त मे है और बुलडोजर जैसी पूछतांछ भी चल रही होगी...मुझे विश्वास है कि योगी राज मे वो अब तक अपने पेट मे भरी सारी हरी साजिश को न केवल उगल…