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NCERT की किताबों में टॉक्सिनेशन, मक्कारी और गुमराह करने वाली चीजें आज भी वैसी ही…
योगेंद्र यादव की धूर्तता का कोई जवाब नहीं। आज 20 वर्षों के बाद भी वह अजेय है। नरेन्द्र मोदी की 3 सरकारें उसके सामने असहाय है, वे उसकी टक्कर का एक भी व्यक्ति स्थापित नहीं कर सके, यह संसार की…
छावा के बाद की की कहानी आपको अवश्य जाननी चाहिए
लगभग 30 साल तक मुगल कैद में रहने के बाद यशुबाई मुक्त हुईं, और उन्हें मुक्ति दिलाने वाले थे पेशवा बालाजी विश्वनाथ! बाजीराव बल्लाळ!
छावा की कहानी यहाँ पूरी होती है।
पिता को कैद करने वाला, चार-चार भाइयों का कातिल, हजारों मंदिरों को तुड़वाने वाला,फिर…
पढ़ो हमारे चाटुकार और दरबारी इतिहासकारों की लिखी किताबें। हमारी जय - जयकार करो ! भाईचारा निभाओ। गंगा जमनी तहज़ीब का डंका बजाओ ! नहीं टोपी की तरह तुम्हें भी बुन देंगे ! ख़बरदार जो मुझे क्रूर ,…
Breaking: Indian Navy Inducts Eighth Missile Cum Ammunition (MCA) Barage, LSAM 11
Positive India:New Delhi:
Induction ceremony of the eighth Missile Cum Ammunition Barge (MCA) Barge, LSAM 11(Yard 79) was held on 07 Mar 25 at Naval Dockyard, Mumbai. Chief Guest for the…
Breaking:DRDO & Indian Navy Successfully Conduct Flight-Trials of…
The missile uses an indigenous Fiber Optic Gyroscope-based INS and Radio Altimeter for its Mid-course guidance, an Integrated avionics module, Electro-Mechanical actuators for Aerodynamic…
वे बच्चियों के शरीर नोंचते हैं, जब चाहे तब भोग के लिए बुलाते हैं।
वे उन बच्चियों को वस्तु की तरह परस्पर बांटते हैं।
गिफ्ट की तरह पास करते हैं।
वे बच्चियों से पैसे मंगवाते हैं।
चोरी करने को प्रोत्साहित करते हैं।
उनके जैसी और बच्चियों तथा सहेलियों को…
कामरेड समरेश बसु और फ़िल्मकार विमल रॉय का अमृत कुंभ !
अरे कुंभ नहीं पसंद है , कोई बात नहीं । गोली मारिए , कुंभ को । पर नाग बन कर , फ़न काढ़ कर , नित्य प्रति , क्षण -क्षण खड़े रहना इतना ज़रूरी है ?
दिल्ली में यमुना का तनाव तंबू
आदमी तो ख़ामख़ा बदनाम है । असल पाप तो यही सब उद्योगपती धोते हैं नदियों में । और कभी पवित्र भी नहीं होते । न होंगे कभी ।
उर्दू में सारी शब्द संपदा अरबी, फ़ारसी, तुर्की और संस्कृत से ली गई है
जिनमें उर्दू सोई है लफ़्ज़ों की चादर तान के
कुछ बरस में उन किताबों के कवर रह जायेंगे
फ़ेसबुक के नशे की बहुरंगी दुनिया
इस की शोखी और शेखी दोनों ही का अपना रंग है। हर्ष , विषाद , बधाई , दुश्मनी , शोक , संवाद सब इसी पर। अच्छे और दिलचस्प लोग ज़्यादा हैं यहां।