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शूटर की कोई आइडियालॉजी नहीं होती, अतीक के मारे जाने से बहुत से पीड़ितों को सुकून मिला…

ये जय श्रीराम के नारे लगाने वाले भी किधर से भी रामभक्त नहीं लगते । इन्होंने वही किया है और बोला है जो इनके आक़ाओं ने हुक्म दिया होगा । इनकी औक़ात नहीं हैं कि लाखों की ज़िगाना पिस्तौल रख सकें…

जय भीम , जय मीम का नैरेटिव सिर्फ़ और सिर्फ़ फ्राड है

आंबेडकर मुस्लिम समाज को अभिशाप शब्द से याद करते हैं । आंबेडकर की स्पष्ट धारणा है कि इस्लामी जनता से अलग हो कर ही भारत का विकास हो सकता है । अम्बेडकर यह भी लिखते हैं कि , कितना भी तुष्टिकरण…

लेकिन हत्यारों और अन्य अपराधियों को मीडिया को इस तरह इंज्वाय करने से ज़रुर बचना चाहिए

अतीक़ अहमद पूरी दबंगई और हेकड़ी से अपनी साइकिल सत्ता के ट्रक से टकराता रहा। मुस्लिम होने , मुस्लिम वोट बैंक का नशा उस पर मरते समय तक तारी था। मीडिया इंज्वाय करता रहा , ऐसे जैसे पान चबा रहा हो…

अखिलेश यादव आप किस ज्युडिशियल सिस्टम की बात कर रहे हैं?

इलाहाबाद हाईकोर्ट में इतना सामर्थ नहीं था कि 2012 में अतीक अहमद की जमानत याचिका पर सुनवाई करे और उसे जमानत ना दे। एक-एक कर 10 जजों ने स्वयं को मामले पर सुनवाई से अलग कर लिया, खौफ इतना। 11वें…

करण थापर द्वारा सत्यपाल मलिक का लिया हुआ इंटरव्यू टायं टायं फिस्स क्यों हो गया ?

करण थापर ने पत्रकारिता को जिस गर्त में पहुंचाया, उन्हें अपने चरित्र पर लज्जा आनी चाहिए। अब करन थापड़ जैसे लोग सरकार और जनता के बीच की दलाली नहीं कर पाते। दलालों की दुकान अब पूरी तरह से बंद…

माफिया डॉन अतीक अहमद तथा अशरफ की पुलिस कस्टडी में हुई हत्या

हत्यारे 3 दिन से लगातार अतीक की रेकी कर रहे थे । जैसे ही आज उन्हें मौका मिला, प्वाइंट ब्लैंक रेंज से अतीक और अशरफ को ढेर कर दिया ।

एएचपीआई की पहल पर अस्पतालों की सीजीएचएस, ईसीएचएस और आयुष्मान योजना की समस्याओं का हुआ…

28 अप्रैल को एएचपीआई आयोजित कर रहा है एम्स रायपुर में एनएबीएच एक्रेडिटेशन पर कार्यशाला, डॉ. राकेश गुप्ता होंगे विशिष्ट अतिथि और वक्ता ।

स्वतंत्र और स्वाधीनता पूर्वक की जाने वाली चोरी का काम बद्ध अंजलि के साथ सेवा करने…

कुमार विश्वास जैसे लोग कन्हैया लाल बाजपेयी की कविता सोने के हिरन नहीं होते अपने नाम से सुना देते हैं । मुनव्वर राणा पर भी चोरी के आरोप लग चुके हैं ।

पुरुष के पैरों की जंजीर क्या है ? दायित्वों का बोझ!

पुरुष अपने पैरों में यह जंजीर स्वयं बांधता है। जीवन भर बंधा रहता है, कभी उफ नहीं करता। बल्कि इस जंजीर को ही सबसे प्रिय आभूषण मान कर प्रसन्न रहता है। अधिकांश गृहस्थ तो यह भूल ही जाते हैं…