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Editorial
2024 के बड़े कैनवास पर पलटूराम का दोगला रंग क्यो जरूरी है?
सच्चाई की आवाज उठाने पर छात्रों,गरीबो और पिछड़ों पर लाठियां बरस रही हैं....उनको छिपाने के लिये ऐसी टिप्पणियां जानबूझ कर की जा रही है...जिनका उद्देश्य केवल बिहार मे पैर फैलाते जंगलराज से जनता…
बॉलीवुड का कुत्ता भी सरवाइव क्यो नहीं कर पा रहा आज?
आज बॉलीवुड का तो कुत्ता भी सरवाइव नहीं कर पा रहा। अर्जुन कपूर की एक फिल्म आई, कुत्ते। जिसके पहले दिन की ही कमाई दूर दूर तक एक करोड़ को भी छू नहीं सकी। अर्जुन कपूर एनडीटीवी पर बैठकर दर्शक से…
रावण की स्त्रियों के बारे क्या सोच थी वह रावण की ही थी तुलसी की नहीं
महाभारत में कितनी बार नारी के लिए अपमान जनक शब्दों का प्रयोग हुआ है पर कोई इसके लिए महाभारत के रचयिता वेदव्यास को दोषी नहीं ठहराता । मर्चेंट ऑफ़ वेनिस के यहूदी पात्र शाइलॉक का इतना चरित्र…
तुलसी अकेले ब्राह्मणों के कवि हैं? कि रामचरित मानस नफरत फैलाने वाला ग्रंथ है?
संस्कृत भाषा का इतना बड़ा ज्ञानी क्यों कर अवधी में राम कथा लिख रहा था?
इस सबका जवाब कौन देगा?क्या वे कुपढ़ अपढ़ लोग जो चौबीसों घंटे सिर्फ जातियों की ही राजनीति करते हैं और शासन पूरे समाज पर…
राहुल गांधी की यात्रा की हवा निकाल दी मायावती ने
लोगों की हवा निकालने में मायावती निपुण हैं। कभी मुलायम की निकाली थी। इतना कि मुलायम बौखला कर गेस्ट हाऊस कांड करवा बैठे। वह तो भाजपा के विधायक ब्रह्मदत्त द्विवेदी तब के समय मौक़े पर न रहे होते…
बाबा तुलसीदास और प्रायश्चित में गरुड़ संवाद : अधम जाति मैं विद्या पाये /भयउँ जथा अहि…
इसमें क्या ग़लत है ? जातिप्रथा तो थी ही उस समाज में लेकिन ब्राह्मण गुरु ने शूद्र को न केवल शिष्य के रूप में अपनाया उसे विद्या प्रदान की उसके कल्याण के लिए भगवान शिव से कातरता पूर्ण प्रार्थना…
अंग्रेज़ अपने दुश्मनों को भी पेंशन क्यो देते थे ?
आज़ादी के बाद देश ने क्या ख़ाक़ प्रगति की है , हम दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के सपने देखते हैं और अपने कर्मचारियों को पेंशन तक देने की औक़ात नहीं है ।
रामचरितमानस के खिलाफ बिहार के शिक्षा मंत्री की आपत्तिजनक टिप्पणी ने जातिवाद का जहर…
रामचरितमानस के खिलाफ बिहार के शिक्षा मंत्री ने सरकारी ऑफिशियल कार्यक्रम में जिस प्रकार आपत्तिजनक टिप्पणी की है, एक बिहारी होने के नाते मुझे शर्म है कि हमने एक ऐसी सरकार बनाई है जिसका शिक्षा…
शाहरुख खान की “पठान” डूबने के साथ अन्य कलाकारों के गले की हड्डी क्यों बन…
कौन होगा जो जिस फिल्म में काम किया हो उसी के ट्रेलर रिलीज पर एक शब्द भी बोलने को तैयार ना हो। जॉन अब्राहम के रवैये से पठान न केवल डूबता साबित हो रहा है बल्कि पठान के कलाकारों के लिए पठान…
एकतरफा विमर्श अब टूट कर चुनी हुई चुप्पियों और चुने हुए विरोध की हवा निकाल चुका है
निरंतर डरने वाले आमिर खान , शाहरुख़ खान , नसीरुद्दीन शाह भी अप्रत्याशित रूप से अब खामोश रहने लगे हैं। जानते हैं क्यों ? एक डर की नौटंकी ने इन लोगों का बॉक्स आफिस छीन लिया है। आर्थिक कमर तोड़…