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Editorial
लता मंगेशकर के प्रेम और उन के प्रेम की विराट दुनिया
लता मंगेशकर वही दीदा-वर हैं। आप इश्क़ करते हैं , भारत में रहते हैं और लता मंगेशकर के गाए गीत नहीं जानते , या नहीं सुने तो माफ़ कीजिए , आप से बड़ा अभागा कोई और नहीं है। जब तक दुनिया में प्रेम ,…
कहां-कहां से तुलसी को मिटाएंगे ?
कुछ मतिमंद तुलसी की रामचरित मानस को संपादित कुछ चौपाइयां हटाने की मांग कर जहर उगल और बो रहे हैं। इतिहास गवाह है कि राम और तुलसी से लड़ कर हर कोई नष्ट हुआ है। अब इन की बारी है।
यहां तो स्त्री कंधा से कंधा मिला कर चलती मिलती है
सीता न होतीं तो क्या रामायण की कथा ऐसी ही होती ? या कि द्रौपदी नहीं होतीं तो क्या महाभारत का प्रस्थान बिंदु और उस का आख्यान यही और ऐसे ही होता भला ? सुमित्रा नंदन पंत लिख ही गए हैं ;…
हमें गलत बताया कि शूद्रों को शिक्षा का अधिकार नहीं था
अंग्रेजों ने हमें यह बताया कि शूद्रों को शिक्षा का अधिकार नहीं था । इसका परीक्षण करना ज़रूरी है । अंग्रेजों का तो काम ही था देश में फूट डाल कर अनंत काल तक भारत पर राज करना और उसका आर्थिक…
कुतर्की और नफरत के शिलालेख लिखने वाले जहरीले लोगों के विमर्श में फंसने से कृपया बचें
आप जहरीले लोगों के उकसावे में आ जाते हैं। कौआ कान ले गया में फंस जाते हैं। दूसरा और महत्वपूर्ण कारण यह है कि आप इस उकसावे में यह भी भूल जाते हैं कि तुलसीदास ने रामचरित मानस हिंदी में नहीं…
आप के रोल माडल आखिर बिन लादेन , बगदादी , बुरहान वानी या ज़ाकिर नाईक जैसे हरामखोर…
ब्रिटिशर्स यहां व्यापारी बन कर आए थे लेकिन मुगल तो सीधे-सीध आक्रमणकारी बन कर आए थे । सोने की चिड़िया को लूट लिया । जाने कितने मंदिर लूटे और तोड़े बारंबार । समृद्धि , सुख-चैन लूट लिया । उन का…
लेखक ,लेखिका और पत्रकार लिव इन रिलेशनशिप को लीचड़ और गलीज परम्परा क्यों करार देते…
लेखक बोलने के लिए जाने जाते हैं। कोई उनका गमछा छू देता है तो आंदोलन कर देते हैं। उनकी बाइक के आगे गड्ढा आ जाता है तो वहीं गमछा बिछा कर आंदोलन पर बैठ जाते हैं। और जब आपके ऊपर इतना बड़ा आरोप…
सोचिए एंडरसन ने कैसे पहले से शॉर्टसेल में लाखों शेयर बेच कर रिपोर्ट उछाली होगी फिर…
बिना किसी लागत के दुनिया भर की कम्पनियों की कमज़ोरियों पर नज़र रख कर ही कितना पैसा कमाया जा सकता है एंडरसन इसके उदाहरण है ।
पूजिय विप्र सकल गुन हीना
सनातन धर्म का परमात्मा तो घट घट वासी है । तुलसी कहते हैं “सीय राम मय सब जग जानी । करहुँ प्रनाम जोरि जुग पानी” क्या शूद्र क्या ब्राह्मण !
मजबूरी का नाम महात्मा गांधी
गांधी के सत्य का राम नाम सत्य करते गांधी के असली दुश्मन असल में कांग्रेस में ही बैठे थे। धीरे-धीरे गांधी इतने लाचार हो गए कि एक मुहावरा ही बन गया कि मजबूरी का नाम महात्मा गांधी।