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Editorial
पंडिताई करने वालों को गरियाने का मौसम
पंडितों से चिढ़ने वाले लोग , पंडितों के चक्कर में पड़ते क्यों हैं?
ईश्वर सत्य है, सत्य ही शिव है और शिव ही सुंदर क्यो है?
धर्म विरोधियों ने नैरेटिव से यह स्थापित हो गया कि वेदों के अध्ययन से गैर ब्राह्मणों को जानबूझकर प्रतिबंधित किया गया है।
मदनी साहब पूछ रहे हैं जब कोई नहीं था तब मनु किसकी पूजा करते थे ?
तो मदनी साहब आदम किसी की पूजा नहीं करते थे अपितु फ़रिश्तों से अपनी पूजा करवाते थे ।
जानिए कैसे ऑल इंडिया मोदी विरोधी ही नही वरन् विदेशी दल्लों के गैंग भी मोदी को हराने…
हिंडनबर्ग शातिरों का एक एक मंदड़िया ग्रुप है...जो कि शॉर्ट सेलिंग का धंधा करता है..
टूलकिट है BBC...!! बीबीसी के पक्षपातपूर्ण, भारत विरोधी, हिंदू विरोधी स्वरूप को expose करें।
बस टुकड़े-टुकड़े हो कर फ्रिज या सूटकेस में जाने से बचना स्वरा भास्कर
स्वरा भास्कर , टुकड़े-टुकड़े हो कर फ्रिज या सूटकेस में जाने से बचना। बहुत सी लड़कियां फ्रिज में चली गई हैं। जाती ही जा रही हैं। सिलसिला थम ही नहीं रहा। मुंबई से दिल्ली आ कर मेहरौली के जंगल…
कंगाल हाल पाकिस्तान में मुजाहिद्दीन को तख़्ता पलटने में देर क्यो नहीं लगेगी?
पाकिस्तान में तो अभी बहुत सारे हिंदू सिख और ईसाई हैं इनके अलावा कलश जनजाति की सुंदर लड़कियाँ भी हैं जो मंडी में बहुत ऊँची क़ीमत पर बिकेंगी । लौंडी ग़ुलाम बनाकर बेचना इस्लाम में एक हलाल रोज़ी…
भारतीय मदद के बावजूद क्या तुर्की अब भारतीय मुसलमानों पर डोरे डालना छोड़ेंगा?
टीपू सुल्तान ने तुर्की के उस्मानी ख़लीफ़ा से अपने लिये सुल्तान का दर्जा हासिल किया था । तुर्की जानता है कि हिंदुस्तानी मुसलमानों में अपने हिंदी होने को लेकर भारी हीन भावना है । सऊदी तो…
अधरा न धरौंगी…
Positive India:Sarvesh Kumar Tiwari:
फरीद लिखते हैं, "रे कौवे! मेरा सब तन खा ले, बस आंख छोड़ दियो! कौन जाने उस निर्जीव आंख के भाग्य में ही पिया को देख लेना बदा हो! एक बार, बस एक बार किसी को…
क्या है राजनारायण और राहुल गांधी में फर्क?
राजनारायण और राहुल गांधी में एक बड़ा फ़र्क़ है। राजनारायण लोगों को प्रत्यक्ष रूप से हंसाते थे। राहुल गांधी अमूमन अप्रत्यक्ष रूप से हंसाते रहते हैं। राजनारायण समझ जाते थे कि लोग क्यों हंस रहे…
जादूगर सीएम अशोक गहलोत को 7 मिनट तक पता ही नहीं चला कि वे पुराने वर्ष का बजट पढ़ रहे…
गहलोत साहब को बजट पढ़ते हुए पीछे से जब सचेतक ने सचेत किया कि सीएम साहब पुराना बजट पढ़ रहे हैं, बड़ा दिलचस्प जवाब नीतीश कुमार की तरह ही गहलोत साहब ने कहा, "करा दी।"