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Editorial
अगले दस महीने में भाजपा क्या करे ?
बदलते राजनैतिक परिदृश्य को स्वीकार कर, संस्थागत कमियों पर चिंतन कीजिए, केवल मोदी फैक्टर अब चुनाव में जीत सुनिश्चित नहीं करेगा (मोदी की बात आगे ले जाना अत्यावश्यक)
बालासोर मे हुई रेल दुर्घटना मे राजनैतिक गिद्ध शवों मे भी कुर्सी का रास्ता कैसे खोज…
शवों पर राजनीति करने वाले गिद्धों को दर्द,पीड़ा,आंसू और वेदना से कोई मतलब नही है....उनका भोज तो अभी से शुरू हो गया है..!
पैसा , औरत और अदालतों के फ़ैसले
हाईकोर्ट और हाईकोर्ट के जजों ने ऐसे-ऐसे कारनामे किए हैं कि अगर इन की न्यायिक तानाशाही न हो , सही जांच हो जाए तो अस्सी प्रतिशत जस्टिस लोग जेल में होंगे। सोचिए कि अपने को जब-तब कम्युनिस्ट…
लड़की के साथ हिंसा :आज किसी लड़की को घर में बांधकर रखना इतना सरल है क्या?
बच्चे जब किशोर होंगे, युवा होंगे तो वो प्रेम संबंधों में जाएंगे, यह अपरिहार्य है। अधिक से अधिक आप इतना ही कर सकते हैं कि उनकी निजता को भंग किए बिना उनसे संवाद करें और उनसे सावधान रहने का…
फिल्म ’72 हूरें’ की आशातीत तेज चर्चा क्यो हो रही है?
बॉलीवुड ने जिस प्रकार स्पॉन्सरशिप के ताकत पर जिहादी खेल का एक मायाजाल तैयार किया था, अब हासिये की प्रोड्यूसर और डायरेक्टर के फिल्मों का भी मुकाबला नहीं कर पा रहा। यही स्वत: स्फूर्त ताकत की…
भारतीय समाजवाद के जनक कबीर
कबीर को जिन्होंने मात्र धर्म का विकल्प समझा उन्होंने ही कबीर के समाजवादी आंदोलन का,विचारों का कत्ल कर दिया । जिन्होंने कबीर को मात्र धर्मगुरु मानकर उनके "गेय शब्दों"को लेकर निकले व जगह-जगह…
आज की पीढी ओलंपिक पदक विजेताओं की क़द्र क्यो नही कर रही है ?
आज की पीढ़ी ने ओलंपिक पदकों का सूखा देखा नहीं है इसलिए पदक विजेताओं की क़द्र भी नहीं है ।
वामपंथी कौन? आजकल किसी को भी वामपंथी क्यो कह दिया जाता है?
वामपंथी धर्म, संस्कृति और परम्परा का विरोधी होता है? शायद हाँ। पर किस थ्योरिटिकल फ्रैमवर्क में?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने चीफ जस्टिस को किया असहज
न्यायाधीशों की संपत्ति के ब्यौरे का पेज सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर खाली पड़ा है। तुम कौन सा राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा हो कि तुम्हारी संपत्ति के बारे में लोग जान जाएँगे तो कहर टूट पड़ेगा?…
बालिकाओं पर अत्याचार करने वाले नरकासुर का वध श्रीकृष्ण ने स्वयं आगे बढ़ कर क्यो किया ?
साक्षी और साक्षी जैसी अन्य लड़कियों की हत्या पर हल्ला होना ही चाहिये। तबतक होना चाहिये, जबतक हर लड़की यह जान न जाय कि उसकी ओर बढ़ने वाला हर विधर्मी नरकासुर ही है। तभी हल निकलेगा। इस शहरी हो…