www.positiveindia.net.in
Browsing Category

Editorial

अब मुन्तशिर का अर्थ ही अस्त व्यस्त बिखरा हुआ होता है तो क्या ही कहें , इस मूर्ख को

अब मुन्तशिर का मायने तो अस्त व्यस्त बिखरा हुआ होता है । जिसकी कोई चीज़ सलीक़े और करीने से न सजी हो गोया राहुल गांधी की दाढ़ी । तो संवाद लेखन में वही पुट झलकता है । एक तो हिंदी उर्दू समेत सभी…

समीक्षा तो पहले आदिपुरुष की भर्त्सना पर होनी चाहिए।

फिल्म आदिपुरुष रामायण नहीं है और एक कमर्शियल फिल्म है। डायलॉग्स और पात्र को छोड़ दें तो ऐसी किसी कमर्शियल फिल्म में सनातन निष्ठा की दो बातें डाल देना एक तरह से नैरेटिव को मजबूत करना कहा जाता…

आदिपुरुष फ़िल्म के निर्माताओं ने कुछ अलग हट कर दिखाने की मूर्खता क्यो की ?

धर्मिक कथाएं किसी फिल्मी कहानीकार की गढ़ी हुई कहानी नहीं हैं कि विलेन का मतलब गब्बर और हीरो का मतलब पियक्कड़ बीरू हो।

ट्विटर का जैक डोर्सी तथ्यात्मक रूप से भ्रामक और पूर्णतः असत्य क्यो बोल रहा है?

जैक डोर्सी जैसे घटिया व्यक्ति ने ट्विटर फाइल्स में उजागर बातों पर कुछ नहीं बोला कि भारत में ऑल्ट न्यूज के साथ मिल कर, नॉन-लेफ्ट के कितने हज़ार अकाउंट्स परमानेंटली सस्पैंड किए गए जो बाद में…

लव जिहाद में फँसाई गयी लड़की के परिवार ने उसके जीते जी पिंडदान क्यो कर दिया ?

पिंडदान का निर्णय उस मुस्लिम लड़के और उसके परिवार को बिल्कुल बरी कर देता है। वे सहजता से ही एक लड़की को फंसाने, उसका अश्लील वीडियो बनाने, उसे ब्लैकमेल करने और उसका धर्मपरिवर्तन कराने जैसे…

खगोलविदों ने एक ऐसा आश्चर्यजनक सौर विस्फोट देखा है जो निरंतर स्थिर तापमान बनाए रखता…

Positive India:New Delhi: 20 जुलाई, 2017 को हुए एक सौर विस्फोट के केंद्र (कोर) की ऊर्जा अवस्था के निरंतर विकास पर दृष्टि बनाए रखने वाले वैज्ञानिकों ने पाया है कि यह विचित्र ढंग से निरंतर एक…

हमेशा अटैक मुद्रा में रहने वाला समुदाय आज डिफेंस के लिए क्यो मजबूर है ?

Positive India:Vishal Jha: शोएब जमाई इतना गिड़गिड़ा रहा है, केवल एफआईआर से! हाँ ठीक है कि एफआईआर एक दो नहीं कई सारे, देश भर में दर्ज हुए। ऐसा कोई पहला सीन है कि हमेशा अटैक मुद्रा में रहने…

सनातन देवियों में माता सीता सर्वाधिक लोकप्रिय क्यो हैं ?

माता सीता से अधिक मर्यादित पुत्री की कल्पना कर सकते हैं आप? क्या उनसे अधिक समर्पित बहु की कल्पना कर सकते हैं आप? नहीं! अपने परिवार की प्रतिष्ठा के लिए जीवन भर संघर्षों से जूझती रहीं माता…

जब तक सरकार नहीं चाहती है तब तक सरकारी उपक्रम घाटे में नहीं जा सकते ।

ख़ुशी की बात है कि सरकार ने बीएसएनएल को ९० हज़ार करोड़ का पैकेज दिया है । वजह यह भी है कि सरकार की महत्वाकांक्षी ग्रामीण योजनाएँ प्राइवेट सेक्टर कभी पूरी नहीं कर सकता । बीएसएनएल का अंडमान…