www.positiveindia.net.in
Browsing Category

Editorial

मणिशंकर से सौ गुना ज़्यादा लाभ उदयनिधि ने भाजपा को दे दिया है

Positive India:Dayanand Pandey: सनातन की जगह उदयनिधि ने अगर इस्लाम को डेंगू , मलेरिया , कोरोना बताते हुए इस्लाम उन्मूलन की बात की होती तो इधर-उधर जलेबीनुमा चर्चा पर बात नहीं रुकती। अब तक तो…

रामेश्वरम तीर्थ की महिमा अपरंपार क्यो है ?

रामेश्वरम तीर्थ इस भरोसे का भी प्रतीक है कि यदि धर्म की शक्ति हो तो समुद्र पर भी पुल बांधा जा सकता है। और यह भी, कि अपनी विशालता के मद में चूर कोई सागर (शक्तिशाली मनुष्य) प्रार्थना के स्वर न…

क्या सचमुच विज्ञान धर्म का विरोधी है?

दो हजार वर्ष पूर्व जब आर्यभट्ट ने कहा कि हमारी पृथ्वी अपने अक्ष पर निरंतर घूमती है, तो क्या उनका विरोध हुआ? नहीं हुआ। बल्कि उन्हें समाज ने ऋषि की प्रतिष्ठा दी। वराहमिहिर ने जब सिद्धांत दिया…

क्या आप जानते हैं भारत में राष्ट्रवाद कैसे आया ?

जिस खंड में महमूद भारत के अंदर घुस कर कालिंजर से लेकर सोमनाथ तक लूटपाट कर रहा था ठीक उसी कालखंड में चोल साम्राज्य गंगा से लेकर बंगाल मलेशिया इंडोनेशिया से लेकर श्रीलंका और मालदीव तक पूरे…

आईना दिखा रहे हैं डिप्टी सीएम टी एस सिंहदेव

टीएस के पिछले मीडिया वक्तव्यों जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री बनते की इच्छा से इंकार नहीं किया है , से जाहिर है कि आगामी विधानसभा चुनाव में भी बंपर जीत (75 सीटें) का कांग्रेसी नेताओं का दावा…

रक्षाबन्धन के समय को लेकर थोड़ा सा मतभेद क्यो बना हुआ है?

और हाँ। हमारे यहाँ की मान्यताओं के अनुसार रक्षाबन्धन 31 अगस्त को है, क्योंकि उस दिन पूर्णिमा में सूर्योदय हो रहा है सो दिन भर पूर्णिमा ही मानी जायेगी।

प्लूटो को देखकर कलेजा धक्क से क्यो रह गया ?

वर्ष 1990 के आसपास वोयजर प्रोब प्लूटो के पास से होकर गुज़रा था, तो उसकी तस्वीर नहीं खींच सका था, क्योंकि प्लूटो उस समय घर पर नहीं था। वो अपनी ऑर्बिट में कहीं और था। वोयजर की दिलचस्पी यूरेनस…

क्या आप भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग की महिमा जानते है?

लोक ईश्वर से किस तरह अपनत्व गांठ लेता है, इसके सबसे सुन्दर उदाहरण हैं भीमाशंकर महादेव। यहाँ का शिवलिंग सामान्य से अधिक मोटा है, इसलिए इन्हें स्थानीय लोग मोटेश्वर महादेव भी कहते हैं। वही बात…

तो फिर नरेंद्र मोदी की यह कमीज की कॉलर की बटन मुसलसल बंद क्यों है ?

मोदी के कुर्ते के कॉलर की बटन बंद होना तो समझ आता है पर यह कमीज़ की कॉलर की ? इसी लिए कहा कि कुंठित कांग्रेसी जन या विषैले वामपंथी के लिए यह शोध का विषय है। यह लोग चाहें तो कुछ वैज्ञानिक ,…

सफलता में भी असफलता के पड़ाव का पहाड़ा

आख़िर यह कौन सा इंडिया है जो भारत की सफलता में घुन बन कर बारंबार उपस्थित होने के लिए अभिशप्त है। कांग्रेस के दरबारी बुद्धिजीवियों , लेखकों और पत्रकारों की स्थिति और बदतर है। रवीश और पुण्य…