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Editorial
नेहरू का इतना विरोध क्यों है ?
नेहरू न होते तो इंदिरा राजीव और राहुल भी न होते । देश को बहुत सारी समस्याओं से छुटकारा मिल जाता । गुट निरपेक्षता की नीति भी न होती । या तो भारत अमेरिकी गुट में शामिल हो कर इस्राइल बन गया…
साम्यवादी आक्रमण से बचना हमारे देश का सौभाग्य क्यों है?
साम्यवादी आक्रमण इतना सुनियोजित, इतना शातिर और इतना शक्तिशाली था कि आज भी हम उसके थपेड़ों को झेलते हैं।।
100 साल के इस आक्रमण ने हिन्दुओं को सर्वथा बेहोश, विवेकशून्य और हीनभावना से ग्रस्त…
मन बांधने की वस्तु क्यों है ?
"ईश्वर ने आदमी की सीमा उसके शरीर से बांध दी, नाहक़ दौड़धूप करके हम दु:ख को ही न्योतते हैं।"
सावरकर की समकक्षता में, राजनीतिक फलक पर न गांधी आते हैं न नेहरू
गांधी की सफलता और गांधी का पाखंड, कांग्रेस की गांधी पर निर्भरता और कांग्रेस का पाखंड। इस टुच्चेपन की तुलना सावरकर के गौरवशाली जीवन से करते हुए सावरकर को तुच्छ बना कर पेश करने की राजनीति पर…
श्रीकृष्ण का सबसे पहले नामोल्लेख किस ग्रंथ में हुआ है?
Positive India: Sushobhit:
भागवत में नहीं। महाभारत-हरिवंश में नहीं। ब्रह्मवैवर्त का तो प्रश्न ही नहीं उठता। श्रीकृष्ण का सबसे पहले नामोल्लेख हुआ है- छान्दोग्योपनिषद् में!
वेदों में…
Breaking: सुप्रीम कोर्ट ने सांसदों/विधायकों के खिलाफ मामलों के शीघ्र निपटान की…
Positive India:Rakesh Choubey:
#सुप्रीम कोर्ट ने सांसदों/विधायकों के खिलाफ मामलों के शीघ्र निपटान की निगरानी के लिए हाईकोर्ट को दिशानिर्देश जारी किए सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (9 नवंबर) को…
उपनिषदों का इतना सुंदर, सुग्राह्य अनुवाद क्या आपने देखा है ?
उपनिषद् संस्कृत ही नहीं, वैदिक संस्कृत में लिखे गए हैं, जो अब प्रचलित नहीं।
हमास ने क्या सोचा था कि इसराइल मनमोहन सिंह की तरह चुप बैठ जाएगा?
हमास एक सुन्नी संगठन है और ईरान शिया लेकिन यहूदी दोनों के कॉमन शत्रु हैं । यद्यपि हिज़्बुल्लाह शिया है और ईरान द्वारा ही संपोषित है लेकिन काँटे को काँटे से ही निकालना चाहिए और बाद में दोनों…
केजरीवाल शराब बेच रहे थे , नीतीश कुमार सेक्स !
सुशासन बाबू अब , अभद्र , अश्लील और निर्लज्ज बाबू बन कर अब उपस्थित हैं। फिर भी कोई उन का बाल-बांका नहीं बिगाड़ सकता। क्यों कि वह इण्डिया के सूत्रधार है। जातीय जनगणना के अगुआ है। जातीयता के…
भारतीय बेटियों ने हॉकी की एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जापान को 4 -0 से रोंदते हुए अपने नाम…
हॉकी इंडिया ने विजेता टीम के हर सदस्य को तीन लाख रुपये देने की घोषणा की है। कम लग रहा है न? पर हॉकी इंडिया भी क्या करे भाईसाहब! उसके पास उतने पैसे नहीं। बीसीसीआई क्रिकेटरों को उतने पैसे…