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Editorial

जवाहर लाल ने तार क्यों भेजा “मगर वहाँ तुम्हारे पास आम कहाँ हैं !

Positive India: Rajkamal Goswami: आमों और चावलों की कितनी किस्में हैं इसका कोई जवाब नहीं है ! शुगर के मरीज़ों के लिये यह दोनों वर्जित हैं ! इंदिरा और फ़िरोज़ गर्मियों में कश्मीर घूमने…

चिरयौवना अयोध्या की अधिष्ठात्री देवी अयोध्या को प्रणाम कीजिए !

अयोध्या है कौन जिस के नाम पर यह नगर अयोध्या बसा। नहीं जानते तो पढ़िए कभी कालिदास लिखित रघुवंशम् । तो पता चलेगा कि अयोध्या एक स्त्री का नाम है। अयोध्या इस नगर की अधिष्ठात्री देवी भी कही जाती…

भाजपा की अयोध्या में लगी आग कैसे बुझेगी !

नीतीश कुमार का सहसा नरेंद्र मोदी का पांव छूना बताता है कि लालू और तेजस्वी से बिहार में वह बहुत आजिज हैं। नरेंद्र मोदी की राजनीतिक छांव की उन्हें बहुत ज़रूरत है। मोदी को नीतीश की ज़रूरत कम ,…

कुल 543 में 99 अंक लाने वाले को कुछ लोग चैम्पियन क्यों समझ रहे हैं ?

हार हुई है केवल यूपी में। पर वहाँ भी बीमारी इतनी बड़ी नहीं है कि इलाज न हो सके। बस एक छोटा सा ओपरेशन करना पड़ेगा, और सब ठीक हो जाएगा। और वे बहुत आसानी से कर भी लेंगे। जानते हैं कैसे? सटासट,…

अयोध्याजी के सन्देश को अपमान मत समझिये।

अयोध्याजी की हार इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं, कि दस सीटों की पराजय भी आपको उतना विचलित नहीं करती, जितना यह चोट कर रही है। आप इसपर 5 साल सोचते रहेंगे, और यही आपके लिए सुखद होगा। 400 तक पहुँचने के…

जिस की पताका ऊपर फहराई

आरक्षण भक्षण प्रेमी लोगों के आरक्षण खत्म हो जाने के भय की मार्केटिंग और साढ़े आठ हज़ार रुपए महीने की मुफ़्तख़ोरी की लालसा में लोगों ने उत्तर प्रदेश में भाजपा को कुचल कर रख दिया। बंग्लादेशी और…

पाकिस्तान ने क्यूं कबूला कि पाक अधिकृत कश्मीर भारत का हिस्सा है?

अब जब पाकिस्तान ने कश्मीर को विदेश मान ही लिया है तो भारत को अपने बिछड़े हिस्से को फ़ौरन मदद पहुँचानी ही पड़ेगी । यह काम पहली फ़ुरसत में करना होगा ।

अब आरक्षण बन गया है प्रतिभा पलायन का बड़ा कारण

देश और देश की सेवाएं प्रतिभावान बच्चों से वंचित हो रही हैं तो आरक्षण की बला से । देश प्रतिभाहीन लोगों के कचरे से पटा जा रहा है । ऐसे जैसे प्लास्टिक का कचरा हो । प्रतिभा पलायन अब एक नासूर बन…

आत्महत्या की अंधी सुरंग में ख़ुद को झोंकते ही पहली प्रतिक्रिया क्या होती है?

मृत्यु से ठीक पहले शरीर किसी बनैले पशु की तरह जाग जाता है और मन को अपने बस में कर लेता है. प्राणों में, धमनियों में एक हूक गूंजने लगती है-- "क्या इसे अब बदला नहीं जा सकता? जीना इतना भी कठिन…