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Editorial
तेरा बयान गांधी!-कनक तिवारी की कलम से
गांधी ने तो पाखाना को भी संस्कृति का बैरोमीटर कहा था। आज देश के उद्योगपतियों, राजनयिकों और नौकरशाहों सहित उच्च मध्यवर्ग और होटलों आदि के शौचालयों में इतना अधिक पानी बहाया जाता है। उतना…
भारत की राजनयिक जीत, आईसीजे ने कुलभूषण जाधव की फाँसी पर लगाई रोक
पाकिस्तान कुत्ते की वो पूँछ है, कितना भी सीधा कर लो वो टेढ़ी ही रहेगी।इस फैसले को कैसे पलीता लगाये, इस पर पाक भी गंभीरता से विचार कर रहा होगा।
A landmark speech now forgotten:Kanak Tiwari
Prof.K.T. Shah very emphatically suggested that it should be substituted in accordance with his amendment which reads as follows “(ii) that the ownership, control and management of the…
सवालिया इरादों की गुलाबी पुस्तक-कनक तिवारी
गुलाबी कवर वाली पुस्तिका में संविधान, उसकी आत्मा और उसके निर्माताओं के विरूद्ध भद्दे, असभ्य और तर्कहीन कटाक्ष किए गए। राष्ट्रीय ध्वज, अशोक चक्र और राष्ट्र गीत का खुलेआम अपमान किया गया है।…
Successful IAS Who Writes Cow’s Essay
THE UNION PUBLIC SERVICE COMISSION (UPSC) EXAMINATION PAPERS ARE REAL GEMS. CALCUTTA’S ‘THE TELEGRAPH’ HAS GOT HOLD OF ONE SUCH GEM. A CANDIDATE HAS WRITTEN AN ESSAY IN THE INDIAN COW.
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संसद में स्वच्छता अभियान की खानापूर्ति
वैसे स्वच्छता अभियान मे शासन ने अपने स्तर पर अच्छा काम किया है । कम से कम घर घर जाकर कचरा उठाने का काम सराहनीय है । वही हर घर मे डस्टबिन देकर नियमित कचरा लेने आना बहुत बड़ा काम है ।
कांग्रेस की अनावश्यक उलझनें ! कनक तिवारी
राहुल गांधी उलट चल पड़े हैं। इंदिरा ने अवसाद को आक्रोश और राजीव ने अवसाद को आत्ममंथन में बदला। राहुल अवसाद को पलायन का नकाब ओढ़कर पस्तहिम्मती को खुद्दारी में बदलने के नये प्रयोग के सूत्रधार…
कर्नाटक का घमासान-हमाम मे सब नंगे है
कर्नाटक जैसे नाटक चलते रहेंगे, इस पर विराम असंभव है । पर्दे के पीछे सभी एकमत है । ये तो जनता के लिए किया जाने वाला मेलोडी ड्रामा है । बस फर्क इतना रहता है ये आज हल्ला कर रहे है आने वाले समय…
न्यूजीलैंड से हारने पर देशवासियों का दिल टूट गया
धोनी और जडेजा ने अच्छी पारी खेली और शर्मनाक हार से बचाया । कौन खिलाड़ी होगा जो फाइनल मे आने के बाद हारने की सोचेगा ? यह विश्व कप तो माही का आखिरी था ऐसे मे वो इस तरह से बाहर होना कतई नही…
गरीब की चटनी पीस डालें-कनक तिवारी
अमीरों से जलना गरीबों का पैदाइशी दुर्गुण है। इससे बचाने के लिए सरकार नए नए अधिनियम रचती है। गरीब को लोकतंत्र में पांच वर्ष में अपनी सरकार चुनने का मौका देती है। मौके का पूरा फायदा उठाएं।…