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Editorial
लहूलुहान अनुच्छेद 370 की कश्मीर व्यथा कथा – पहली किश्त
संविधान के अनुच्छेद 370 को भाजपा की केन्द्र सरकार ने संवैधानिक भाषा में आंशिक रूप से खत्म किया है। उसका आधा हिस्सा अर्थात् अनुच्छेद (2) तथा (3) काटकर फेंकने से अनुच्छेद लहूलुहान हो गया है।…
अनुच्छेद से आज़ादी पर मनुच्छेद से कब?
कल जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद भी कुछ बुद्धि जीवों के ऐसे घटिया जोक आए ।
जिन्हें ढंग से जम्मू-कश्मीर और अनुच्छेद 370 का ठीक से ज्ञान तक नहीं कल वह संविधान का पाठ पढ़ा रहे है…
निहित स्वार्थ के लिये एनएमसी का विरोध कहां तक जायज?
इकसवी सदी मे बगैर इलाज के दम तोड़ दे? फिर इस हालत के लिए कौन जिम्मेदार होंगा ? शासन की भी नैतिक जिम्मेदारी है कि हर व्यक्ति का, हर नागरिक का मौलिक अधिकार है कि शासन उसे स्वास्थ्य सेवाओ की…
कश्मीर से धारा 370 हटने पर खुशी का घनाक्षरी छंद देश को समर्पित
धारा टूटी बैर की, घाटी अब आबाद।
संसद में रोते दिखे, नकली कुछ आजाद।।
काश्मीर से धारा 370 को खत्म कर मोदी सरकार ने इतिहास रचा
आज इस देश में जम्मू-कश्मीर का विलय हुआ है कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नही । आज का दिन बहुत बड़ा है । अब काश्मीर के पंडितो के साथ न्याय होगा । अभी तक हमारे जितने भी सैनिक शहीद हुए है यह उनके…
गर्भाशय कांड में छत्तीसगढ़ फिर प्रथम
छत्तीसगढ़ आईएमए के अध्यक्ष डॉक्टर राकेश गुप्ता का कहना है कि इन सभी का जिम्मेदार स्टेट नोडल एजेन्सी है। इसके गाईडलाईन को सरकार ने क्यो हटाया? गाईडलाईन का पालन क्यो नही किया गया?
पार्षद से राज्यपाल तक का सफ़र : रमेश बैस.
पॉजिटिव इंडिया: रायपुर: 2 अगस्त.
फ़ोन की घंटी बजती है . दो महान शख़्सियत एक दूसरे से रूबरू होते है ।" क्या आप छत्तीसगढ़ से बाहर जाएँगे ??" सवाल भारत के प्रधानमंत्री का था ।
"पार्टी…
The Loot Of The Common Property Resources
Positive India:Kanak Tiwari:
A very valuable piece of legislation of the Indian Constitution reads under article 39 (c) that (c) ‘The State shall, in particular, direct its policy towards…
आजादी के प्रामाणिक खुद्दार संघर्षधर्मी जननायक की याद में अगस्त की भारत कथा
Positive India: Kanak Tiwari:
अंगरेजी कैलेंडर के अनुसार अगस्त का महीना नए भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण हो गया है। एक अगस्त को तिलक जयंती से शुरू होकर 2 अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन और 15 अगस्त…
छत्तीसगढ़ का हरेलि तिहार सामाजिक सौहार्द की है मिसाल
जहां शिक्षित होने से नौकरी के कारण या व्यवसाय के कारण लोग गांव से बाहर निकलने लगे है वहीं आधुनिकता अब उनमे आ गई है