Browsing Category
Editorial
ये है बॉलीवुड के हिन्दूद्रोही ज़िहाद का सबसे मारक/घातक प्रकरण
रविंद्र जैन जी के पास 1987-88 में रामायण को मिली कालजयी सफलता के बाद काम का अकाल पड़ गया था। 15 वर्षों में 36 फिल्मों का संगीत देने वाले रविन्द्र जैन को अगले 26 वर्षों में केवल 10 फिल्मों में…
आप मोदी को पसंद करें या नापसंद पर उन्होंने भ्रष्ट जातिवादी और पारिवारिक राजनीति पर…
दिल्ली की केंद्रीय राजनीति से नेहरु गांधी परिवार और अब महाराष्ट्र से पवार और ठाकरे परिवार और हरियाणा की राजनीति से चौटाला , भजनलाल परिवार की विदाई के साथ ही अब यह परिवार , जाति , भ्रष्टाचार…
मैं गोआ के एक गाँव पर्रा से हूँ इसलिये हम पर्रिकर कहे जाते हैं
मनोहर पर्रिकर ने एक बार अपनी आपबीती बयान की थी।
"मैं गोआ के एक गाँव "पर्रा" से हूँ, इसलिये हम "पर्रिकर" कहे जाते हैं। मेरा गाँव अपने तरबूजों के लिये प्रसिद्ध हैं। जब मैं बच्चा था, वहाँ…
जब पीट-पीट कर उसकी गर्दन तोड़ दी गई वह जिंदा था।
बेअदबी! पड़ोस के इलहामी मुल्कों से आयातित शब्द। वैसी ही घृणित बर्बरता, वही वहशीपन। इन भेड़ियों को जब भी मानव रक्त चखने का मन करता है, किसी मासूम मेमने को खींच लेते हैं और बेअदबी का इल्जाम…
जब एक ब्रिटिश मिनिस्टर की बीवी को लाइन मारने में उत्तर प्रदेश के चीफ़ सेक्रेट्री की…
एक समय उत्तर प्रदेश में मुख्य सचिव थे रामलाल । मुख्य सचिव मतलब प्रदेश का सब से बड़ा अफ़सर । नारायणदत्त तिवारी मुख्य मंत्री थे और इंदिरा गांधी प्रधान मंत्री । लंदन से एक मिनिस्टर सपत्नीक आए थे…
सफेदपोश चेहरों की स्याह सोच स्याह चरित्र
शाहरुख खान का 23 बरस का बेटा जब नशे के कारोबार में संलिप्तता के कारण NCB द्वारा पकड़ा गया तो सिनेमा, सियासत और लुटियन मीडिया के सफेदपोश चेहरों का एक गिरोह उसकी गिरफ्तारी के विरोध में पिछले कई…
तो क्या तब भी यह माई नेम इज ख़ान का खिलौना बाज़ार में शेष रहेगा ?
सेक्यूलरिज्म के कीड़े फिर रेशम बुनने लगे हैं। शाहरुख़ ख़ान पुत्र आर्यन ख़ान को ले कर। वही मुस्लिम विक्टिम कार्ड खेला जा रहा है। तो क्या माई नेम इज ख़ान वाली यातना ही है ? सचमुच ?
आखिर इमरान खान को गधा बेचने तक की नौबत क्यों आ गई ?
इमरान खान का हाल कही स्व. जुल्फिकार अली भुट्टो जैसा न हो जाए। या तो फांसी या आजन्म कारावास या फिर दूसरे शासको जैसे कही निर्वासित न होना पड़े । कुल मिलाकर सत्तर साल से पाकिस्तान की राजनीतिक…
मौकापरस्त और बिगडैल औरतों की कुंठा और ब्लैकमेलिंग का एक नाम मी टू भी है
आप शानदार नौकरी में हैं , फिल्म में हैं और आप के साथ कोई अभद्रता करता है तो आप बरसों इंतज़ार करेंगी यह बात कहने के लिए ? सीधी सी बात है कि तब आप अपनी देह का अपनी तरक्की में इस्तेमाल कर रही…
ये है लखीमपुर हत्याकांड की पृष्ठभूमि
थारू बुक्सा जनजाति के अनपढ़ ग्रामीणों वनवासियों को एक बोतल शराब देकर उनकी एक एकड़ भूमि का सौदा किस तरह किया गया, इसकी अनेक कहानियां उत्तरप्रदेश के तराई इलाके के लखीमपुर, पीलीभीत, उधमसिंह नगर…