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Editorial
जब मज़हब भारी हो जाता है तो एक जिन्ना खड़ा हो जाता है और पाकिस्तान पैदा हो जाता है
मोहम्मद अली जिन्ना नाम नहीं , प्रवृत्ति है ! हलाल ब्रांड की बांडिंग यह जिन्ना प्रवृत्ति ही तो करती है। यह जिन्ना प्रवृत्ति समूचे देश में नागफनी की तरह , किसी सांप की तरह फन फैला कर चौतरफा…
मीडिया तो अब काले धन की गोद में
मीडिया रूपी वाच डाग कहां है? क्या सिर्फ़ डाग बन कर ही नहीं रह गया है? इस वाच डाग को आखिर डाग में तब्दील किया किस ने? आखिर डाग बनाया किस ने?
अयोध्या का नाम क्यों बदल देंगे अखिलेश यादव ?
अखिलेश यादव ने ऐलान किया है कि चुनाव जीतते ही अयोध्या का नाम बदल देंगे।
मैं यज्ञोपवीत क्यों पहनता हूं ?
मेरा यज्ञोपवीत ; मेरा गुरुर भी है , मेरा संस्कार भी । आप इस से असहमत हैं तो रहिए , अपनी बला से ।
वामपंथ का पहला ऐसा नैरेटिव जो चारों खाने चित पड़ा है -700 किसान मर गए-
राफेल नैरेटिव टूटा। जीएसटी नैरेटिव टूटा। नोटबंदी नैरेटिव टूटा। अब यह 700 मर गए वाली नैरेटिव पहले सेट तो कर लो सही से।
राकेश टिकैत के कुंठा की गहराई देखिए जरा
राकेश टिकैत का हलक सूखता जा रहा है। ठसक औंधे मुंह गिरता जा रहा है। उसका रसूख टूटता जा रहा है।
राजनीतिक मसखरों के राजनीतिक डेथ वारंट पर आज हस्ताक्षर हो गए
5 साल पहले भी प्रधानमंत्री मोदी ने इन राजनीतिक मसखरों का राजनीतिक डेथ वारंट नोटबंदी नाम से जारी किया था। वह राजनीतिक डेथ वारंट भी उत्तरप्रदेश समेत 4 राज्यों के चुनाव के ठीक 5 माह पूर्व ही 8…
नफरत की पहचान मुनव्वर फारुकी ने वामपंथियों का दिल क्यों जीत लिया ?
बेंगलुरु में आयोजित होने वाली एक कॉमेडी शो रद्द होने के पश्चात् मुनव्वर का कहना है "नफरत जीत गई और एक कलाकार हार गया"। जो फारुकी स्वयं नफरत की एक पहचान है उसके मुंह से नफरत के खिलाफ ऐसे मधुर…
334 में से 329 सीटें भाजपा को जिता कर त्रिपुरा की जनता ने सेक्युलरिज़्म का हुक्का…
त्रिपुरा के नगर निकाय के चुनाव में कुल 334 में से 329 सीटें भाजपा को जिता कर त्रिपुरा की जनता ने सेक्युलरिज़्म का हुक्का गुड़गुड़ाने वाले राजनीतिक ठगों पर अपने जनादेश के जूतों की मूसलाधार बरसात…
यौन वार्ता- सेक्स वीक-टेंडर एज प्रोहिबिटेड पोस्ट क्यों है?
सेक्स वीक' का कूप्रभाव इतना है कि लाइफस्टाइल के नाम पर छोटे-छोटे बच्चों में विकृति जगाने का कुचक्र शुरू हो चुका है।