www.positiveindia.net.in
Browsing Category

Editorial

न सांप मरा है न लाठी टूटी है पर तीसरे विश्व युद्ध की बला फिलहाल टल गई !

अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन रुस पर राजनाथ सिंह बन गए। अपने संदेश में यूक्रेन प्रसंग पर चिंता जताते हुए रुस की कड़ी निंदा कर कुछ प्रतिबंध लगा कर , कुछ और कदम उठाने की बात कर दी। कल कुछ और…

अच्छा अगर भारत के पास आज की तारीख़ में राफेल न होता तब ?

Positive India:Dayanand pandey: अच्छा अगर भारत के पास आज की तारीख़ में राफेल न होता तब ? क्या चीन इसी तरह खुद अपने बंकर तोड़ कर अपने टैंक और सेनाएं वापस ले जाता ? बल्कि पहला सवाल यह कि…

अगर वैधानिक आतंकी खोजना हो तो हमें स्वीट टेररिस्ट को क्यों देख लेना चाहिए ?

मस्जिद इमाम और मुअज्जिनों को ₹22000 मासिक मानदेय दिए जाने लगे तथा राम मंदिर की बात आने पर नानी की कही हुई बातें याद आने लगी। अमानतुल्लाह खान जैसे आतंकवादियों के लिए आप शरणगाह बन गया।

अभी लेकिन इन पंडिताई करने वालों को गरियाने का मौसम क्यों है ?

एक पंडित ही है जिसे हर कोई गरियाता मिलता है। उस की फीस देने में सारे करम हो जाते हैं। एक दिन की मज़दूरी देना भी भारी लगता है। अगर इतना ही बोझ है यह पंडित तो फेंकिए इसे भाड़ में अपने घरेलू…

जंगलराज के पर्याय एम वाई फैक्टर को चकनाचूर करना क्यों बहुत ज़रुरी हो गया है ?

मुलायम ने भी उत्तर प्रदेश में सब से ज़्यादा हिंदू-मुसलमान दंगे करवाए। अखिलेश यादव ने भी। लोकतंत्र के नाम पर कलंक हैं यह दोनों पार्टियां। राजद हो या सपा। सेक्यूलर होने की चाशनी में अपराधियों…

अरविंद केजरीवाल के लिए पंजाब विस्फोटक जैसे क्यों बन गया है ?

पंजाब में मुख्य मंत्री भले भागवंत मान बने पर काम-धाम तो राघव चड्ढा ही देखेंगे। राघव चड्ढा अब केजरीवाल के दामाद भी बनने जा रहे हैं। इस का खुलासा भी केजरीवाल की पत्नी ने अपनी किसी दोस्त नीना…

कुमार विश्वास के खुलासे के बाद क्यों बिलबिला रहे हैं केजरीवाल ?

खुलेआम खालिस्तान के लिए नारे लग रहे हैं, "आजादी मजबूरी है, खालिस्तान जरूरी है।" आखिर कैसे मान लूं कि पंजाब इन नारो पर राजी नहीं?

लेकिन पहलवान मुलायम को आज करहल में कराहते देखना गुड क्यों नहीं लगा?

अखिलेश कहीं न कहीं बहुत असुरक्षित दिख रहे हैं। इसी लिए करहल में आज मुलायम ही नहीं , समूचा परिवार इकट्ठा कर लिया था। लेकिन पहलवान मुलायम को आज करहल में कराहते देखना गुड नहीं लगा। उन की भर्राई…

अखिलेश यादव के बहाने कामरेड गुरु प्रसाद तिवारी की क्यों आई याद ?

सपा की सरकार बनने पर क्या अखिलेश यादव सचमुच क़ानून व्यवस्था कल्याण सिंह या योगी की तरह या अपनी बुआ मायावती की तरह चाक-चौबस्त कर पाएंगे ? अभी तो वह खुद मंच से ही पुलिस की ऐसी-तैसी करते दिख रहे…

सेक्युलरिज्म भारत में कब तक शोभायमान है ?

हिन्दू छात्रों ने केसरिया इसलिए नहीं धारण किया कि पंथनिरपेक्ष विद्यालयों का संप्रदायिकरण किया जाए। बल्कि इसलिए कि अब बहुत हुआ, संविधान का एकतरफा अनुप्रयोग। अब यदि मजहब का हिजाब सही तो धर्म…