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Editorial

रामानुजाचार्य के स्टैचू आफ इक्वलिटी के निर्माण के लिए समाज प्रधानमंत्री मोदी का ऋणी…

अद्वैत को सुगम बनाने के लिए भक्ति मार्ग का चयन ही श्री रामानुजाचार्य के लिए विशिष्टाद्वैत है। आज हमारे प्रधानमंत्री ने समाज के परमार्थिक कल्याण हेतु समता के इसी अवधारणा का उपयोग कर स्टैचू आफ…

क्या राहुल गांधी ने संसद में बहुत बुद्धिमानी की बात की ?

संघ होते हुए भी भारत कोई सोवियत संघ नहीं कि टूट जाएगा। भारत में विविधता से बनने वाली राष्ट्र भावना की एकता को शायद कोई विदेशी रक्त चरित्र नहीं परख सकता। किताबें पढ़कर कम्युनिज्म प्राप्त कर…

क्या रामपुर मुस्लिम मतदाताओं की प्राथमिकता व मानसिकता की सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा लेने…

केवल रामपुर नहीं बल्कि पूरे उत्तरप्रदेश के मुसलमानों का ठेकेदार खुद को समझने वाले आज़म खान ने स्वयं अपने राजनीतिक गढ़ रामपुर के मुसलमानों को कैसी जिंदगी जीने का उपहार दिया है.?

राहुल गांधी ने लोकसभा में क्यों कहा कि भारत राष्ट्र नहीं राज्यों का संघ है ?

राहुल ने चीन द्वारा पी ओ के में 1960 में बनाई सड़क को अभी की बनी बता दिया। तमाम मूर्खता भरी बातें कुतर्क की चाशनी में डुबो कर , संविधान का हवाला दे कर बता दिया कि भारत राष्ट्र नहीं , राज्यों…

हाय ! हम क्यों न हुए खुशवंत !

खुशवंत सिंह ने जो जीवन जिया और जिस तरह जिया, जिस रोमांच, जिस सलीके और पारदर्शिता से जिया उस में दिया बहुत ज़्यादा और लिया बहुत कम। ऐसा जीवन और ऐसा लिखना काश कि सब के नसीब में होता !

का बा की गायिका नेहा सिंह ने काउंटर में गाने वालो को चारण और भाट क्यों करार दे दिया ?

विरोध और सवाल के नाम पर नेहा को शायद कोई ऐसी सरकार चाहिए जो नेहा जैसों के लिए यश भारती पुरस्कार घोषित करे और नेहा एक दरबारी गायिका बन सके। क्योंकि वर्तमान सत्ता में दरबारियों के लिए कोई…

मजबूरी का नाम महात्मा गांधी क्यों है ?

धीरे-धीरे गांधी इतने लाचार हो गए कि एक मुहावरा ही बन गया कि मजबूरी का नाम महात्मा गांधी। वह तो गोडसे ने गांधी की हत्या कर दी। पर अगर गांधी आगे जीवित रहे होते कुछ दिन और तो तय मानिए कि वह…