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Editorial
कश्मीर पर कब्जा करने के सपने देखते रहे इमरान को जूते मार मारकर क्यों भगाया गया?
भूखों मर रहे तालिबानी गुंडे भारतीय अनाज और दवाओं की दया पर जिंदा हैं। खौराए, कटहे कुत्ते की तरह पाकिस्तान का जीना हराम किए हैं। 7 महीने पहले तालिबान के बल पर कश्मीर पर कब्जा करने के सपने…
कश्मीरी पंडितों की स्त्रियों के साथ बलात्कार और उन्हें आरा मशीन पर जीवित काटने पर एक…
सलमान ख़ुर्शीद की पुस्तक Beyond Terrorism पढ़ें। उसमें गिरिजा तिक्कू की घटना का उल्लेख है। सलमान ख़ुर्शीद तथाकथित हिन्दूवादियों को सख़्त नापसंद हैं और कांग्रेसी होने के साथ साथ मुसलमान भी…
लाल बहादुर शास्त्री की हत्या को उजागर करती ताशकंद फाइल
क्यूँ रूस की उस मेडिकल रिपोर्ट को छिपा दिया गया जिसमें लाल बहादुर शास्त्री जी के शरीर में जहर होने की शंका की गयी थी..?
कहाँ गया फिर वो जान मोहम्मद जिसने शास्त्री जी के व्यक्तिगत रसोइये…
खरगोन मे बुलडोज़र को लेकर लेफ्ट मीडिया भूखे भेड़िए की तरह क्यों खौंझ गया है?
आज लेफ्ट मीडिया ठीक उसी प्रकार का नैरेशन तमाम वैसी ही कार्यवाही के खिलाफ डेवलप करना चाहता है। जो कि हो नहीं पा रहा है। लिहाजा लेफ्ट मीडिया भूखे भेड़िए की तरह खौंझ गया है।
जय भीम जय मीम का नैरेटिव सिर्फ़ और सिर्फ़ फ्राड क्यों है?
आंबेडकर मुस्लिम समाज को अभिशाप शब्द से याद करते हैं ।
संविधान खतरे में है का विध्वंसकारी नारा लगाने वाले लोग अचानक मनुवाद की उल्टी क्यों…
रोहित वेमुला को जबरिया दलित घोषित कर जय भीम , जय मीम का नैरेटिव सेट करते हैं। तब जब कि अंबेडकर इस्लाम को अभिशाप और वामपंथियों को बंच आफ ब्राह्मण ब्वायज कहते हुए दुत्कारते मिलते हैं। फिर भी…
आप कितना जानते हैं झिझिया अथवा झिझरी के बारे में?
झिझिया नृत्य में माथे पर रखे मटके को बिना हाथ से पकड़े नृत्य करना होता है। रात का वक्त होता है। मटके में दीया रखा होता है। मटके के बहुत सारे छिद्रों से उस दीये का प्रकाश निकलता रहता है।
इन अपराधियों को दंड कौन देगा कब देगा ?
दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन नाम का पाखंड खुलेआम हुआ. इस पाखंड पर उंगली उठाने के बजाए न्यूजचैनलों ने उसका महिमामंडन किसान आंदोलन कह कर ही किया. लगातार 15 महीनों तक किया. जबकि सच यह नहीं…
इमरान खान ने क्यों कहा कि भारतीय बहुत खुद्दार कौम हैं?
इमरान खान को मालूम होना चाहिए कि भारत में रहने वाला एक बड़ा ही गद्दार वर्ग भी है। और इसी गद्दारी का नतीजा हुआ था कि अखंड भारत टुकड़ों में बंट गया।
कपड़े पत्रकारों के उतरें और नग्न शिव की सरकार क्यों हो गई?
शिवराज सिंह चौहान के राज में पत्रकारों के कपड़े उतरवा दिए जाएंगे , ऐसा दृश्य देखने को मिलेगा,सोचा भी नही था। ऐसा लग रहा है मानो संविधान की किताब रद्दी की टोकरी में फेंककर रक्षक पुलिस खुद…