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Editorial
औरंगज़ेब ने कभी ख़्वाब में भी नहीं सोचा होगा कि ये मस्जिदें वापस ली जाएंगी
मूल काशी विश्वनाथ मंदिर जब ध्वस्त किया गया तब नंदी जो मंदिर के बाहर मंदिर की ओर मुँह करके स्थापित था वह टूटने से बच गया । तब से यह नंदी अनवरत मस्जिद की ओर मुँह करके अपने स्वामी की प्रतीक्षा…
अंबेडकर को संविधान निर्माता कहना संविधान के साथ छल और कपट है
अंबेडकर संविधान निर्माता नहीं हैं। अंबेडकर को संविधान निर्माता कहना , संविधान के साथ छल और कपट है। पाखंड है। चार सौ बीसी है। इस मामले में भी मैं अंबेडकर का परम निंदक हूं। लेकिन दलित वोट की…
आजकल पूरे देश मे लाउडस्पीकर और बुलडोजर की चर्चा क्यो हो रही है ?
दिल्ली से लेकर पटियाला तक पत्थरबाजी से लेकर तलवारबाजी तक की घटी घटनायें कोई साधारण नही है....उसके पीछे छिपे उनके मंतव्य और उनकी मॉडस अपरेंडी को समझिये।
पश्चिम बंगाल को अब सिर्फ़ और सिर्फ़ सेना और सेना के बूट ही संभाल सकते हैं
मस्जिदों से पश्चिम बंगाल छोड़ने का ऐलान भले नहीं शुरू हुआ है पर जिस तरह हिंदुओं को चिन्हित कर हिंसा , लूट , आगजनी और बलात्कार की खबरें मिल रही हैं , वह बहुत डराने वाली हैं। यह घटनाएं कश्मीर…
जानिए कैसे युगों बाद माँ से मिलने गया जोगी कुछ घण्टों बाद फिर लौट आया अपने कर्तव्य…
मुगल काल में जब धर्मपरिवर्तन का जोर हुआ तो देश के बहुत बड़े हिस्से में इन्हीं नाथपंथी जोगियों ने थामा था हिंदुत्व को। वे लड़े आतंकियों से, अपराधियों से, देश और धर्म के शत्रुओं से... ये जोगीजी…
हिन्दू विरोधी कुकर्मों पर पर्दा डालने की सुपारी क्या न्यूजचैनलों के एंकरों एडिटरों…
विश्व बैंक के शोधपत्र के अनुसार देश में गरीबी 2011 की तुलना में 2019 में लगभग 55% कम हुई है।
जिन्ना का डिवाइड इंडिया डिस्ट्राय इंडिया का खेल अभी भी बदस्तूर जारी है बस डायरेक्ट…
डिवाइड इंडिया , डिस्ट्राय इंडिया का हामीदार जिन्ना तैमूर , अलाऊदीन खिलजी , औरंगजेब आदि का मिला-जुला कॉकटेल था। याद कीजिए जिन्ना का डायरेक्ट एक्शन प्लान। इतिहास का सब से बड़ा नरसंहार का दिन था…
यह जो परेशान लोग रवीश कुमार के प्राइम टाइम में आते हैं !
अगर रवीश कुमार , उन की एजेंडा पत्रकारिता और उन का प्राइम टाइम नहीं होता तो यह तमाम परेशान , बीमार और कुंठित लोग कहां जाते भला। कौन सी दवा खाते , किस के कंधे पर अपना सिर रखते , रोते और अपना…
आपके लिए क्यों जानना जरूरी है लाउडस्पीकर लाउडस्पीकर में क्या फर्क है?
लाउडस्पीकर लाउडस्पीकर में फर्क है। फर्क ठीक वैसे ही जैसे धर्म और मजहब में है।
पटियाला हिंसा के आरोपी खालिस्तानी गुट को राघव चड्ढा ने राजनीतिक दल क्यों करार दे दिया…
क्या खालिस्तान कॉल देने वाला पतवंत सिंह पन्नू अब आम आदमी पार्टी के राज में अघोषित राजनीतिक वैधता प्राप्त कर चुका है?