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रामानुजाचार्य के स्टैचू आफ इक्वलिटी के निर्माण के लिए समाज प्रधानमंत्री मोदी का ऋणी…

अद्वैत को सुगम बनाने के लिए भक्ति मार्ग का चयन ही श्री रामानुजाचार्य के लिए विशिष्टाद्वैत है। आज हमारे प्रधानमंत्री ने समाज के परमार्थिक कल्याण हेतु समता के इसी अवधारणा का उपयोग कर स्टैचू आफ…

विस् अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत ने बसंत पंचमी की प्रदेशवासियों को दी बधाई।

माँ सरस्वती विद्या व ज्ञान की अधिष्ठात्री हैं, जिनकी जिव्हा पर सरस्वती देवी का वास होता है, वे अत्यंत ही विद्वान् व कुशाग्र बुद्धि होते हैं। बहुत लोग अपना ईष्ट माँ सरस्वती को मानकर उनकी पूजा…

मैक में बसंत पंचमी के अवसर पर माँ सरस्वती की पूजा धूम-धाम से आयोजित की गई

Positive India:Raipur: महाराजा अग्रसेन इन्टरनेशनल कॉलेज (मैक) समता कॉलोनी, रायपुर में 05/02/2022 को बसंत पंचमी के पावन अवसर पर ज्ञान व सुर की देवी माँ सरस्वती जी की पूजा बड़े धूम-धाम से…

क्या राहुल गांधी ने संसद में बहुत बुद्धिमानी की बात की ?

संघ होते हुए भी भारत कोई सोवियत संघ नहीं कि टूट जाएगा। भारत में विविधता से बनने वाली राष्ट्र भावना की एकता को शायद कोई विदेशी रक्त चरित्र नहीं परख सकता। किताबें पढ़कर कम्युनिज्म प्राप्त कर…

राहुल गांधी ने लोकसभा में क्यों कहा कि भारत राष्ट्र नहीं राज्यों का संघ है ?

राहुल ने चीन द्वारा पी ओ के में 1960 में बनाई सड़क को अभी की बनी बता दिया। तमाम मूर्खता भरी बातें कुतर्क की चाशनी में डुबो कर , संविधान का हवाला दे कर बता दिया कि भारत राष्ट्र नहीं , राज्यों…

हाय ! हम क्यों न हुए खुशवंत !

खुशवंत सिंह ने जो जीवन जिया और जिस तरह जिया, जिस रोमांच, जिस सलीके और पारदर्शिता से जिया उस में दिया बहुत ज़्यादा और लिया बहुत कम। ऐसा जीवन और ऐसा लिखना काश कि सब के नसीब में होता !

का बा की गायिका नेहा सिंह ने काउंटर में गाने वालो को चारण और भाट क्यों करार दे दिया ?

विरोध और सवाल के नाम पर नेहा को शायद कोई ऐसी सरकार चाहिए जो नेहा जैसों के लिए यश भारती पुरस्कार घोषित करे और नेहा एक दरबारी गायिका बन सके। क्योंकि वर्तमान सत्ता में दरबारियों के लिए कोई…

मजबूरी का नाम महात्मा गांधी क्यों है ?

धीरे-धीरे गांधी इतने लाचार हो गए कि एक मुहावरा ही बन गया कि मजबूरी का नाम महात्मा गांधी। वह तो गोडसे ने गांधी की हत्या कर दी। पर अगर गांधी आगे जीवित रहे होते कुछ दिन और तो तय मानिए कि वह…