

Positive India:Dayanand Pandey:
शरद पवार अपना पावर अब खो रहे हैं। कल की उन की प्रेस कांफ्रेंस में यह बात बहुत साफ़ सामने आ गई। बीच प्रेस कांफ्रेंस में उन्हें कोई ब्रीफ कर रहा था। ब्रीफ किया हुआ ही वह बोल रहे थे। बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य भी इस का एक कारण हो सकता है। मुलायम सिंह यादव के साथ भी यही हुआ। बीच प्रेस कांफ्रेंस में शिवपाल उन्हें ब्रीफ करते थे। मुलायम सिंह यादव की दुर्दशा और दुर्गति देखते हुए शरद पवार को सबक़ लेना चाहिए। समय रहते हुए , ससम्मान उन्हें राजनीति से अवकाश ले लेना चाहिए। आर्थिक घपलों के गड्ढे पवार के पास भी बहुत हैं। गड्ढे उन के भी खुलने लगेंगे तो सारा पावर , पाव-भाजी खाने लगेगा और वह कुछ नहीं कर पाएंगे और लालू यादव की दुर्गति को प्राप्त कर जाएंगे। लालू की बात तो लोग सुन और समझ लेते हैं अभी। शरद पवार की बात समझने के लिए कान को बहुत चौकन्ना करना पड़ता है। बात फिर भी समझ नहीं आती। अगर टी वी पर नीचे लिखा हुआ न मिले तो शरद पवार की हिंदी भी अनबूझ मराठी लगती है।
साभार:दयानंद पांडेय(ये लेखक के अपने विचार हैं)