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क्या लेफ्ट लॉबी ने स्वीकार लिया है कि भारत विश्व पटल पर उभर कर आया है ?
यूक्रेनियन राजदूत डॉ इगोर पोलिखा ने कहा कि भारत ग्लोबल पावरफुल प्लेयर है और मोदी जी इज वन ऑफ द मोस्ट पावरफुल रिस्पेक्टेड लीडर ऑफ द वर्ल्ड। पोलिखा के इस बयान को कोई डिजाइनर मीडिया लिखने…
कामरेड , रुस के उक्रेन युद्ध पर भी लब क्यों नहीं खोल रहे ?
कहां गुम है वह दिल्ली यूनिवर्सिटी वाली लड़की , जिसे युद्ध पसंद नहीं था।
यंग आर्म्स फाउंडेशन के नये चैपटर का शपथ ग्रहण हुआ सम्पन
यंग आर्म्स फाउंडेशन विगत 2 वर्षों से ट्रू डायग्नोस्टिक पैथोलॉजी लैब का संचालन कर रहा है, जिसमें लोगों को मात्र ₹20 की शुरूआती कीमत में वर्ल्ड क्लास डायग्नोस्टिक सर्विसेज की सुविधाएं उपलब्ध…
अहमदाबाद ब्लास्ट केस में 49 शांति दूतों को फांसी अथवा उम्र कैद की सजा का विश्लेषण
लेकिन आज 49 शांति दूतों को फांसी अथवा उम्र कैद की सजा मुकर्रर हुई है। असहिष्णुता का रोना रोने वालों ने क्या कभी इन 49 शांतिदूतों के पीछे की मानसिकता पर रिपोर्ट दिखाने की हिम्मत जुटाई? गुजरात…
साइकिल बम की सिसकी और न रहे सांप , न बजे बांसुरी की धुन में दंगेश की त्रासदी लिए…
कैराना पलायन के अपराधियों और मुज़फ़्फ़र नगर के दंगाइयों पर अखिलेश के उपकार आज भी जारी हैं। योगी ने अखिलेश यादव की इसी फितरत को देखते हुए अखिलेश को दंगेश नाम दे दिया है। दंगा , गुंडई , आतंकवाद ,…
न सांप मरा है न लाठी टूटी है पर तीसरे विश्व युद्ध की बला फिलहाल टल गई !
अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन रुस पर राजनाथ सिंह बन गए। अपने संदेश में यूक्रेन प्रसंग पर चिंता जताते हुए रुस की कड़ी निंदा कर कुछ प्रतिबंध लगा कर , कुछ और कदम उठाने की बात कर दी। कल कुछ और…
संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने प्रस्तावित स्मार्ट सड़क का किया निरीक्षण
Positive India:Raipur:
संसदीय सचिव एवं स्थानीय विधायक विकास उपाध्याय, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष एवं स्थानीय पार्षद ज्ञानेश शर्मा ने आज रायपुर स्मार्ट सिटी लि. के एमडी अभिजीत सिंह के साथ…
अच्छा अगर भारत के पास आज की तारीख़ में राफेल न होता तब ?
Positive India:Dayanand pandey:
अच्छा अगर भारत के पास आज की तारीख़ में राफेल न होता तब ? क्या चीन इसी तरह खुद अपने बंकर तोड़ कर अपने टैंक और सेनाएं वापस ले जाता ? बल्कि पहला सवाल यह कि…
अगर वैधानिक आतंकी खोजना हो तो हमें स्वीट टेररिस्ट को क्यों देख लेना चाहिए ?
मस्जिद इमाम और मुअज्जिनों को ₹22000 मासिक मानदेय दिए जाने लगे तथा राम मंदिर की बात आने पर नानी की कही हुई बातें याद आने लगी। अमानतुल्लाह खान जैसे आतंकवादियों के लिए आप शरणगाह बन गया।
अभी लेकिन इन पंडिताई करने वालों को गरियाने का मौसम क्यों है ?
एक पंडित ही है जिसे हर कोई गरियाता मिलता है। उस की फीस देने में सारे करम हो जाते हैं। एक दिन की मज़दूरी देना भी भारी लगता है। अगर इतना ही बोझ है यह पंडित तो फेंकिए इसे भाड़ में अपने घरेलू…