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कुछ स्त्रियां अपने संध्याकाल में देह के बिना भी प्रेम की परिकल्पना करती हैं
Positive India: Dayanand Pandey:
कुछ स्त्रियां अपने संध्याकाल में देह के बिना भी प्रेम की परिकल्पना करती हैं । बल्कि अपने इस अमूर्त प्रेम की पैरवी भी करती मिलती हैं । तो क्या यह स्त्रियां…
गुरुकुल महिला महाविद्यालय, रायपुर में प्लास्टिक एवं पॉलिमर विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान…
पॉजिटिव इंडिया:रायपुर,
गुरुकुल महिला महाविद्यालय, रायपुर में छात्राओं को प्लास्टिक एवं पॉलिमर से संबंधित तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से केंद्रीय पेट्रोरसायन…
भारतीय मुसलमानों के बीच भी छुआछूत का अभिशाप मौजूद है
डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने कहा था "छुआछूत गुलामी से भी बदतर है".
गुरुकुल महिला महाविद्यालय में शिक्षक दिवस की धूम
Positive India,:Raipur;
गुरुकुल महिला महाविद्यालय में छात्राओं द्वारा शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में एक शानदार और यादगार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पूरी तरह से छात्राओं द्वारा…
हनुमान अंश की सफलता कमाई नहीं है
Positive India: Sarvesh Kumar Tiwari:
संतों पर फिल्म बनाना तनिक कठिन काम तो है ही। क्या दिखायेंगे आप? उनके आसपास होने से जिस आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है, उसे कोई निर्देशक कैसे दिखाएगा…
आमिर खान की बटवारा का विश्लेषण
असगर वाहियात अपनी झूठी किताब में एक एजेंडा परोसते हैं और आमिर उस एजेंडे को अपनी फिल्म में ढोते हैं, पर इससे सत्य नहीं बदलेगा। समय के न्यायालय में पाकिस्तान और वहां के लोग हमेशा अपराधी की तरह…
कटी पतंग की कैफ़ियत
दिल्ली में काकरोच जनता पार्टी , सोनम वांगचुक और इस बहाने अनेक रंग बिरंगे साँप मोदी सरकार के हाथ लग गए हैं । अब कटी पतंगों को उड़ते और गिरते हुए देखने का लुत्फ उठाने का समय आ गया है ।
अजित डोभाल:आतंक के विरुद्ध महायुद्ध का एक महानायक
आतंक के विरुद्ध महायुद्ध का यदि एक महानायक चुनना हो तो केवल एक नाम निर्विवाद रूप से उभरता है, जिनका नाम है अजित डोभाल...
नकटी के सवाल और सरकार
नकटी प्रकरण ने भारतीय जनता पार्टी के अंतर्विरोध को भी उजागर कर दिया है. यह स्पष्ट हो गया सांसद बृजमोहन अग्रवाल के प्रति साय सरकार का रूख मित्रतापूर्ण नहीं है.
प्रतिभाहीन रेगिस्तान !
अब तो आलम यह है कि 96 प्रतिशत पर भी आप को विश्वविद्यालय में एडमिशन ही नहीं मिलता जब कि पचास प्रतिशत वाले को धड़ल्ले से एडमिशन मिल जाता है । तब पढ़ेगा भी कौन इस देश में ।