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पीहू निर्मलकर बनी मिस ट्रांस्क्वीन छत्तीसगढ़- 2023
Positive India:Raipur: 15 मार्च 2023 की शाम नयी उड़ान फाउंडेशन के द्वारा एक छत्तीसगढ़ रत्न सम्मान बिज़नस अवार्ड आइकॉन ऑफ़ छत्तीसगढ़ - 2023 का आयोजन होटल सेलिब्रेशन में किया गया। जहा फैशन शो एवं…
प्रधानमंत्री मोदी 18 मार्च को ग्लोबल मिलेट्स (श्री अन्न) सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे
भारत के प्रस्ताव के आधार पर, संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष (आईवाईएम) के रूप में घोषित किया गया था। इसके अलावा, आईवाईएम 2023 के उत्सव को एक ‘जन…
Modi Govt Introduced Production Linked Incentive Scheme on “National Programme on…
Positive India:New Delhi:
There are no major Indian manufacturers that manufacture alternative batteries like flow batteries on a commercial scale.
The Government has taken the following…
Breaking: 5% to 10% of biomass can be safely co-fired with coal in TPPs without any…
So far around 97000 Metric Tonnes (MT) of agro-residue based biomass has been co-fired in coal based thermal power plants, leading to reduction of more than 1.2 Lakh Metric Tonnes (LMT)…
सच तो यह है कि कबीर के बाद कोई लेखक सेक्यूलर नहीं हुआ
क्या भारत माता की जय बोलने का विरोध करना सेक्यूलर होना है ? गाय का मांस खाने की पैरवी करना लेखकों का काम है क्या?
श्री दिगम्बर जैन मंदिर पंचायत ट्रस्ट मे कार्यकारणी की बैठक संपन्न
Positive India:Raipur:
श्री दिगम्बर जैन मंदिर पंचायत ट्रस्ट मे दिनांक 14/03/2023 को रात्रि 8 बजे कार्यकारिणी सदस्यों की बैठक रखी गयी जिसमे ट्रस्ट के चुनाव के संबंध में चर्चा आगामी…
India’s Real GDP Growth Is Expected At The Rate of 7%
Positive India:New Delhi:
As per the latest estimates of National Income released by National Statistical Office, Ministry of Statistics and Programme Implementation (MoSPI), real GDP is…
स्वाति मालीवाल ने अपने ही पिता के चरित्र की बलि क्यो चढ़ा दी ?
स्वाति मालीवाल को इससे फायदा क्या है?
अगर कोई पार्टी सेक्यूलर होने का ढोंग करती है या मुस्लिम वोट की तलबगार है तो जस्ट चिल…
राहुल गांधी राजनीतिज्ञ हैं , संपादक नहीं । तो कांग्रेस या कोई भी सेक्यूलर होने का ढोंग करने वाली , मुस्लिम वोट की तलबगार पार्टी अगर ओसामा जी , मसूद अज़हर जी कहती है तो जस्ट चिल । आदर देंगे…
क्या ज़ेलेंस्की इतिहास में बहादुरी और प्रतिरोध के प्रतीक के रूप में जाने जायेंगे ?
देश पराजित भी होते हैं समर्पण भी करते हैं लेकिन उनका मखौल नहीं उड़ाया जाता कि यदि समर्पण ही करना था तो इतने लोगों को क्यों मरवाया ?