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कुम्भ मेले में एक आईआईटीयन को देखकर भारत-देश की जनता विस्मय-विमुग्ध हो गई
वास्तव में, अत्यन्त मेधावी होना संन्यासी होने की पहली शर्त है। गीता का 'कर्म-संन्यास' और 'मोक्ष-संन्यास'! यह उपदेश एक सुशिक्षित अर्जुन को दिया जा रहा है। शंकराचार्य ने 'विवेकचूड़ामणि' में…
मीडिया माला बेचने वाली लड़की के पीछे तबतक पड़ी रही जबतक कि वह वापस भाग नहीं गयी
ये अनपढ़ जलील व्यूखोर जिस तरह से कुम्भ की प्रतिष्ठा का नाश कर रहे हैं, उसके कारण इन्हें रोकना आवश्यक हो गया है। अन्यथा इस बार का मेला अपनी नकारात्मकता के लिए ही याद रह जायेगा।
श्री लक्ष्मी नारायण मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल का हुआ शुभारंभ।
श्री लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल में आयुष्मान कार्ड के साथ-साथ डॉक्टर खूबचंद बघेल कार्ड से निशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध है।
अयोध्याजी में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण एक ऐतिहासिक घटना है।
अयोध्या में श्री राम मंदिर का बनना भारतीय स्वाभिमान की पुनर्प्रतिष्ठा का दिन था। वह अधर्म पर धर्म के विजय का दिन था। वह बर्बरता पर सज्जनता की विजय का दिन था। वह विध्वंस की भूमि पर निर्माण का…
भगवान कल्कि का दंड
कल्कि अवतार आएंगे,तो स्वार्थी हिंदू बच जाएंगे?कल्कि अवतार आएंगे,तो पाखंड करने वाले हिंदू बच जाएंगे?कल्कि अधर्म करने वालों का नाश करेंगे,ये कहा गया है,हिंदुओं से अधिक अधर्म कौन कर रहा है भला?
शत्रुघ्न सिन्हा और सोनाक्षी मुकेश खन्ना पर भड़के हुए हैं
सोना बेगम कह रही हैं कि यह उनके बाप के दिए हुए संस्कार ही हैं कि वे खन्ना साहब को गाली नहीं दे रहीं, वरना उन्हें वह भी आता है। वाह! क्या बात है।
साय सरकार का एक वर्ष: नक्सल मुद्दे पर बेहतर
यदि किसी मीडिया कर्मी को सीएम से मिलना हो तो इसके लिए उसे भारी मशक्कत करनी पड़ती है. अफसरों का ऐसा घेरा मुख्यमंत्री को जमीनी हकीकत से वंचित करता. है राजनीतिक दृष्टि से भी यह प्रवृति पार्टी…
शांतिनिकेतन महाविद्यालय में वार्षिक खेल का अंतिम दिन
स्वच्छ भारत अभियान एवं भारत पारंपरिक लोक कला रंगोली प्रतियोगिता में विनर रही रश्मि पंकज एवं सपना।
2025 Maha Kumbh Mela to Set New Global Standards for Spiritual Events
History of Maha Kumbh Mela 2025:
अतुल सुभाष की आत्महत्या कानून के दायरे में होने वाली प्रताड़ना और अत्याचार का मुद्दा…
आदमी जब पीड़ित होता है तो कोर्ट की शरण में जाता है। जब कोर्ट ही अन्याय करने लगे, पीड़ा देने लगे तो कहाँ जाय?