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India
Breaking: 5% to 10% of biomass can be safely co-fired with coal in TPPs without any…
So far around 97000 Metric Tonnes (MT) of agro-residue based biomass has been co-fired in coal based thermal power plants, leading to reduction of more than 1.2 Lakh Metric Tonnes (LMT)…
सच तो यह है कि कबीर के बाद कोई लेखक सेक्यूलर नहीं हुआ
क्या भारत माता की जय बोलने का विरोध करना सेक्यूलर होना है ? गाय का मांस खाने की पैरवी करना लेखकों का काम है क्या?
India’s Real GDP Growth Is Expected At The Rate of 7%
Positive India:New Delhi:
As per the latest estimates of National Income released by National Statistical Office, Ministry of Statistics and Programme Implementation (MoSPI), real GDP is…
स्वाति मालीवाल ने अपने ही पिता के चरित्र की बलि क्यो चढ़ा दी ?
स्वाति मालीवाल को इससे फायदा क्या है?
अगर कोई पार्टी सेक्यूलर होने का ढोंग करती है या मुस्लिम वोट की तलबगार है तो जस्ट चिल…
राहुल गांधी राजनीतिज्ञ हैं , संपादक नहीं । तो कांग्रेस या कोई भी सेक्यूलर होने का ढोंग करने वाली , मुस्लिम वोट की तलबगार पार्टी अगर ओसामा जी , मसूद अज़हर जी कहती है तो जस्ट चिल । आदर देंगे…
क्या ज़ेलेंस्की इतिहास में बहादुरी और प्रतिरोध के प्रतीक के रूप में जाने जायेंगे ?
देश पराजित भी होते हैं समर्पण भी करते हैं लेकिन उनका मखौल नहीं उड़ाया जाता कि यदि समर्पण ही करना था तो इतने लोगों को क्यों मरवाया ?
साहिर लुधियानवी को उन के जन्मदिन पर नमन !
साहिर ने महिलाओं की पीड़ा का बचपन से एहसास किया था और अपने गीतों में उसे शिद्दत से बयान भी किया ।
मौज मस्ती के महापर्व होली पर ही विदा हो गया मौजमस्ती, हंसी ठहाकों का…
सतीश कौशिक की इन भूमिकाओं को लोग आज भी याद करते हैं। यह उस दौर की बात है जब कादर खान, शक्ति कपूर की जोड़ी हास्य के नाम पर अश्लीलता फूहड़ता भोंडेपन की सारी हदें पार कर रही थी। इन सारी विकृतियों…
तमिलनाडु में नेता या अभिनेता भाषावादी राजनीति में अपनी राजनीतिक रोटियां क्यो सेकते…
तमिलनाडु के लोगों को समझ जाना चाहिए यह पेरियार वादी राजनीति हमेशा से खतरनाक रही है यह पहले अमीर और गरीबों को लड़ाएगी, जातिवाद में लड़ाएगी और अंत में जब कुछ नहीं मिलेगा तब भाषा के आधार पर…
कैसे-कैसे कारनामे किए हैं सिसोदिया ने!
ईडी ने आज सिसोदिया को फिर से गिरफ्तार किया है। यह अपने आप में एजेंसियों के कॉन्फिडेंस की बात है। इतने बड़े जोखिम में सिसोदिया को उनके अंजाम तक पहुंचा देना तय है।