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हर मुद्दे पर राय देना और बोलना उचित नहीं
पढ़कर रामजी को, जानना सरल नहीं,
भाव भरे पृष्ठ पर, राम जी का सार है।
राम-राम कहना है, हाथ न मिलाना है
मुख पे रखें रुमाल, जैनियों के जैसे आप,
ठीक से है धोना हाथ, ठीक से नहाना है।
प्रिये करोना ले गई, मेरे दिल का चैन
फीके फीके हो गए, होली तेरे रंग,
देख करोना छोड़ दी, नेताजी ने भंग।
जोगीरा सारा रा रा रा
कमलनाथ के हाथ से, फिसल रही सरकार
छापों में उलझे हुए, बाबू कुछ असहाय,
नेताजी अब कीजिए, बढ़कर आप उपाय।
जोगीरा सा रा रा रा रा
नगदी की गिनती हुई, छापों को विश्राम
Positive India:Rajesh Jsin Rahi:
जाँच सदा चलती रहे, बदल बदल कर नाम,
बोझ तले हैं कुर्सी के, सच्चे सब परिणाम।
नगदी की गिनती हुई, छापों को विश्राम,
नेताजी जी निर्दोष हैं, हुई घोषणा शाम।…
दंगों की यह त्रासदी, महज नहीं संयोग
राजनीत देती रही, उल्टे सभी बयान,
लाश देख देकर गयी, राहत का सामान।
छापों में उलझे हुए, छपने के शौकीन
आँसू में लिपटा हुआ, धरने का अंजाम।
इसी तरह चलता रहे, राजनीति का काम।।
कौन पथराव करे, राज आप खोलिये
बनकर नागरिक, माँगते जो अधिकार,
न्याय की तुला पे कर्म, आप जरा तोलिए।
राम के प्रभाव पर, राम के स्वभाव पर
राम आसमां से ऊँचे, गहरे हैं सागरों से,
खरबों कहानियाँ भी, कम पड़ जाएंगी
जटाधारी जल देके, वसुधा को सींचिये
Positive India:Rajesh Jain Rahi:
एक बार भोले नेत्र, तीसरा भी खोलकर,
बैरियों का आप फिर, सर्वनाश कीजिए।
कुछ हैं असुर सीमा पार कुछ देश में हैं,
यथा योग्य आज आप, उन्हें दंड दीजिए।…