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पहरा करती कोरोना,पहरे में है मधुशाला।
कोरोना के किस्से सुनकर,
बंद हुए बाजार सभी।
कोरोना के भय से बेबस,
आज हुई है मधुशाला।
कड़े फैसले का अब, वक़्त आनेवाला है।
असुरों का नाश प्रभु, राम ने किया था कभी,
आज कुछ दानवों से, पड़ा फिर पाला है।
क्या मैं अब भी सहनशील बना रहूं ?
मुझे मातृभूमि से प्यार करना,
सिखाया गया माता-पिता एवं गुरुओं के द्वारा।
मगर मुझे अन्याय के खिलाफ लड़ना
किसी ने नहीं सिखाया।
तलवार तो क्या,
मैं लाठी चलाना भी नहीं सीख सका।
राम ने धनुष न्याय, हेतु ही उठाया है
धर्म की स्थापना हो, सत्य की आराधना हो,
राम ने धनुष न्याय, हेतु ही उठाया है।
MHRD Launches SWAYAM PRABHA For Students Amidst COVID-19
The SWAYAM PRABHA is a group of 32 DTH channels devoted to telecasting of high-quality educational programmes on 24X7 basis using the GSAT-15 satellite.
Along with Self Learning Material,…
Lockdown Breaking:PM Modi Extends Corona Lockdown Upto 3rd May
Until 20th April, every town, every police station, every district, every state will be evaluated on how much the lockdown is being followed.Areas that will succeed in this litmus test,…
राह देंगे सागर भी, रामसेतु हेतु अब
साथ हनुमंत और, जामवंत भी हैं साथ,
साथ नल-नील और, साथ प्यारा भाई है।
बिन राम जानकी को, कुछ नहीं भाता है
हनुमंत आ गए हैं, लांघ कर सप्तसिंधु,
राम का संदेशा देखो, कब मिल पाता है।
कहो राम आपको मैं, कैसे लिख पाऊँगा
पिता के मनोरथ को, भाँपकर वन गए,
शबरी के जूठे बेर, कैसे जान जाऊँगा।
दीप एकता का जले, दीप वीरता का जले
5 अप्रैल रात्रि 9:00 बजे घर की बालकॉनी या मुख्य द्वार पर दीप जलाना न भूलें।