www.positiveindia.net.in
Browsing Category

Editorial

पेशवा बाजीराव जैसे बड़े योद्धा के बारे में हम इतना कम क्यो जानते हैं ?

पेशवा बाजीराव भारत में हिन्दू पद पादशाही का लक्ष्य लेकर निकले और जीवन पर्यंत उसके लिए लड़ते रहे। बीर शिवाजी के सपनों का देश बनाने की शुरुआत की बाजीराव के पिता बालाजी विश्वनाथ ने, उसे पूरा…

सनातन धर्म में कुत्ते का इतना बड़ा महत्व क्यो है ?

कुत्ते ने यह प्रतिष्ठा और मनुष्य का विश्वास अपनी अनवरत वफ़ादारी से अर्जित किया है । अपनी मौत की परवाह किये बिना वह अपने मालिक के प्रति हर हाल में वफादार बना रहता है ।

पाकिस्तानी सेना के टैंक और दीगर असलहा इस हालत में नहीं हैं कि भारत से जंग कर सके

Positive India:Rajkamal Goswami: २०१६ से २०२२ तक पाकिस्तान के आर्मी चीफ़ जनाब क़मर जावेद बाजवा ने एक इंटरव्यू में यह खुलासा किया है कि पाकिस्तानी सेना के टैंक और दीगर असलहा इस हालत में नहीं…

मन की बात की 100वीं कड़ी में प्रधानमंत्री मोदी के सम्बोधन का मूल पाठ

Positive India:New Delhi: मेरे प्यारे देशवासियो, नमस्कार। आज ‘मन की बात’(Mann Ki Baat) का सौवां एपिसोड है। मुझे आप सबकी हजारों चिट्ठियाँ मिली हैं, लाखों सन्देश मिले हैं और मैंने कोशिश की…

अगर यूपी में तीसरा इंजन जोड़ दिया जाय तो विकास की रफ्तार क्या होगी…??

योगी आदित्य नाथ ने अपराधी,माफिया,भ्रष्टाचारियों को उनकी असल औकात बता कर उन्हे नेस्तनाबूद करने मे कोई कसर नही छोड़ा है....यह सब डबल इंजन की सरकार ने डंके की चोट पर किया है...!!

पाकिस्तान की भारत से जंग लड़ने की औकात क्यों नहीं है?

Positive India:Rajkamal Goswami. २०१६ से २०२२ तक पाकिस्तान के आर्मी चीफ़ जनाब क़मर जावेद बाजवा ने एक इंटरव्यू में यह खुलासा किया है कि पाकिस्तानी सेना के टैंक और दीगर असलहा इस हालत में नहीं…

जंतर मंतर में पहलवानों के आंदोलन में विक्टिम आखिर है कौन?

सबसे बड़ा स्ट्रगलर देश का राज्यपाल सत्यपाल मलिक, आंदोलन को सपोर्ट करने सबसे पहले पहुंचे। उसके बाद बिहार से क्रिमिनल बैकग्राउंड रखने वाला गैंगस्टर पप्पू यादव। फिर तो प्रियंका गांधी ने भी अपने…

केजरीवाल की असलियत बताता ऑपरेशन शीशमहल

Positive India:Vishal Jha: बिल्कुल ही अलग संदर्श से इस पूरे ऑपरेशन शीशमहल(Operation Sheesh Mahal) को देखने की आवश्यकता है‌। राजनीति चलाने के लिए अरविंद केजरीवाल को जितना संघर्ष करना पड़ रहा…

किसी लेखक के लिए किसी खूंटे में बंध कर रहना बिलकुल ज़रुरी नहीं

कम्युनिस्टों के अलोकप्रिय होने में यह एक बड़ा कारण है । वामपंथियों में एक बात कामन है । वह है विचारधारा के प्रति कट्टरता। यह भी कि धार भले कुंद हो जाए पर लीक नहीं छोड़ेंगे ।